श्रावस्ती। तीन दिन की राहत के बाद बृहस्पतिवार को एक बार फिर तराई घने कोहरे की चपेट में रही। सड़कों पर दृश्यता घटकर 40 मीटर पहुंच गई, जिससे वाहनों की रफ्तार थम गई। घने कोहरे व तेज पछुआ हवा के कारण तराईवासी ठिठुरते रहे। 11 बजे के बाद कोहरा छंटा और धूप निकली, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।
तराई में तीन दिनों से सुबह-सुबह निकल रही धूप के चलते राहत थी। तराईवासी सुबह टहलने के साथ-साथ गुनगुनी धूप का आनंद लेते दिख रहे थे। लोगों की राहत में बृहस्पतिवार सुबह कोहर खलल बन गया। बुधवार देर रात से शुरू हुई कोहरे की चादर बृहस्पतिवार की भोर मोटी हो गई।
घना कोहरा छाने से सड़कों पर विजिबिलिटी काफी कम हो गई। वाहन चालकों को फॉग लाइट व सड़क की पट्टी के सहारे गुजरना पड़ा। लगभग आठ किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पछुआ हवा चली।ज्यादातर लोग घर में दुबके रहे और टहलने वालों की संख्या कम दिखी।
कोहरे के दौरान वाहन चालक बरतें ये सावधानी
- वाहन की गति कम रखें और आगे चल रहे वाहनों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें।
- फॉग लाइट जला कर रखें, लेकिन हैवी बीम लाइट से बचें।
- वाहन के वाइपर, डी-फॉगर और फॉग लाइट्स की कार्यक्षमता जांच लें।
- टायर के प्रेशर और ब्रेक की स्थिति भी नियमित देखें।
- लंबे समय तक वाहन चलाने से बचें, बीच-बीच में विश्राम करें ताकि सतर्कता बनी रहे।
किसान करें फसल सुरक्षा के उपाय
- कोहरे के दौरान पाला गिरने की आशंका बढ़ गई है, ऐसे में आलू में नमी बनाए रखें।
- सरसों की फसल पर वैज्ञानिकों से सलाह लेकर दवा का छिड़काव कर दें।
- गेहूं की सिंचाई करने से बचें और खेत में पानी जमा न होने दें।