श्रावस्ती। तराई लगातार चौथे दिन घने कोहरे और सर्द हवा की चपेट में रही। कड़ाके की ठंड ने लोगों को घर में दुबकने पर मजबूर कर दिया। दिन भर बादल छाए रहे, धूप नहीं निकली। शीतलहर व कोहरे के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहा, जिससे वाहनों की रफ्तार थमी रही।
शुक्रवार की रात 11 बजते-बजते कोहरे की चादर मोटी हो गई, जिससे दृश्यता घटकर 20 मीटर पहुंच गई। यह सिलसिला शनिवार की सुबह तक जारी रहा। कोहरे के साथ तेज सर्द हवा चली, जिससे लोग ठिठुर उठे। कोहरे के चलते जहां वाहनों की रफ्तार घटी रही, वहीं लोगों को छोटी सी यात्रा पूरी करने में भी घंटों लग गए।
गलन के चलते सुबह टहलने वाले लोगों की संख्या भी घटी रही। दोपहर में धूप निकलने की उम्मीद पर घने बादलों ने पानी फेर दिया। दिन भर तराई कोहरे की हल्की चादर में लिपटी रही। गलन से निजात पाने के लिए लोग दिन भर हीटर व अलाव से चिपके रहे।
बच्चों का रखें विशेष ध्यान
- छोटे बच्चों को ऊनी कपड़े व जैकेट पहनाएं।
- बच्चों को टोपी व मफलर से ढक कर रखें।
- छोटे बच्चों को घर के अंदर रखें।
- कमरे का तापमान सामान्य रखें।
- बच्चों को गर्म सूप, दलिया, दूध व मौसमी फल खिलाएं।
- नहाने के बाद और सोने से पहले बच्चों की त्वचा पर कोल्ड क्रीम लगाएं।
विशेष सावधानी बरतें बुजुर्ग
- ऊनी कपड़े पहनें और जरूरी होने पर ही घर से निकलें।
- कमरे का तापमान सामान्य रखें और अंगीठी न रखें।
- नियमित रूप से गर्म सूप, चाय, कॉफी या काढ़ा पीएं।
- ताजे फल, सब्जियां, अनाज और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ खाएं।
- नियमित चिकित्सकीय सलाह लें और अतिरिक्त दवाओं की व्यवस्था रखें।