श्रावस्ती। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत बुधवार से 31 दिसबंर तक मातृ वंदना सप्ताह का आयोजन किया जाएगा। इस अवधि में पात्रों को योजना का लाभ पहुंचाने व लंबित संशोधन के मामलों का निपटारा होगा। इसके अलावा योजना के लिए पात्र स्वयं घर बैठे पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। योजना संबंधी किसी भी तरह की समस्या के निपटारे के लिए राज्यस्तर से हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। ताकि लाभार्थी अपने आवेदन की स्थिति और भुगतान संबंधित जानकारी फोन से ही प्राप्त कर सकते हैं।
यह जानकारी देते हुए एसीएमओ डॉ. उदयनाथ ने बताया कि योजना के तहत प्रथम बार गर्भवती को तीन किश्तों में 5000 रुपये की राशि सीधे राज्यस्तर से उनके खाते में स्थानांतरित की जाती है। इस योजना का लाभ आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या अपने निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर जाकर निर्धारित फार्म को भरकर प्राप्त किया जा सकता है।
इसके लिए महिला को अपने बैंक एकाउंट की पासबुक, आधार कार्ड तथा अन्य संबंधित दस्तावेज जमा करना होगा। अगर गर्भवती ने फार्म भर दिया है और उसके भुगतान में कहीं कोई समस्या आ रही है तो वह सीधे राज्य स्तरीय हेल्प लाइन नंबर 7998799804 पर संपर्क कर सकती हैं। इस हेल्प लाइन पर सभी प्रकार की समस्याओं का निपटारा हो सकेगा। इस पर फोन करके लाभार्थी अपने फार्म के भुगतान से संबंधित जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। यह योजना जनवरी 2017 से संचालित हो रही है।
इसके तहत सरकार की ओर से प्रथम बार गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को उचित खान पान एवं पोषण के लिए पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि तीन किश्तों में दी जाती है। किसी भी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर 150 दिनों के अंदर गर्भधारण का पंजीकरण कराने पर प्रथम किश्त के रूप में 1000 रुपये, प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने पर द्वितीय किश्त के रूप में 2000 रुपये एवं बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने व प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर तृतीय किश्त के रूप में 2000 रुपये दिए जाते हैं।
एसीएमओ ने कहा कि योजना से संबंधित कोई भी प्रतिनिधि लाभार्थी से ओटीपी नहीं पूछता है। और न ही सवेंदनशील सूचनाएं जैसे एकाउंट नंबर, सीवीवी पिन मांगता है। यदि कोई व्यक्ति लाभार्थी से इस तरह की जानकारी मांगता है, तो उसे यह जानकारी कतई न दें। इस तरह की जानकारी मांगने वाला व्यक्ति प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का प्रतिनिधि नहीं हो सकता है।