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गंदगी व अव्यवस्थाओं के बीच इलाज कराने को मजबूर मरीज

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सीएचसी मल्हीपुर में वार्ड में बेड के नीचे बैठा कुत्ता व कक्ष में व्याप्त गंदगी। - फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। संयुक्त जिला चिकित्सालय सहित जिले में स्थित सीएचसी व पीएचसी में मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं बदहाल हैं। गंदगी और अव्यवस्थाओं के बीच मरीज इलाज कराने को मजबूर हैं। यहां प्रसूताओं व अन्य मरीजों को भोजन तो दूर नाश्ता भी नसीब नहीं हो रहा है। मरीज और तीमारदार दूषित जल पीने को विवश देखे जा रहे हैं।
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अस्पताल आने वाले मरीजों को गंदे वार्डों में भर्ती किया जा रहा है। यही नहीं अस्पताल के वार्डों में कुत्तों लेटे नजर आते हैं। जिनको भगाने व वार्ड की सफाई करने की जरूरत महसूस नहीं की जा रही है। सीएमओ के लगातार निरीक्षण व चेतावनी के बाद भी न तो चिकित्सकों की कार्य प्रणाली में कोई बदलाव दिखाई दे रहा है, और न ही अस्पताल की व्यवस्थाओं में ही।
किसी को मिला भोजन तो कोई पूरे दिन रहा खाली पेट
संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा में शनिवार को प्रसव कराने आई हासिमा को सुबह नाश्ता नहीं मिला। प्रसव के बाद उसे वार्ड में भर्ती किया गया। जहां वह पूरे दिन भोजन का इंतजार करती रही। यही हाल हसमुन निशा का भी रहा। उसे न तो भोजन मिला और न ही नाश्ता। वहीं इंद्रपरी व ममता ने बताया कि उसे सुबह नाश्ता नहीं मिला था। दोपहर में भोजन मिला था। इसमें चार रोटी, दाल चावल व सब्जी थी। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मल्हीपुर में दोपहर साढ़े बारह बजे तक मरीजों को न तो नाश्ता मिला और न ही भोजन। शनिवार भोर करीब चार बजे अस्पताल आई रीता देवी ने बताया कि उसे नाश्ता व खाना नहीं मिला।
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अधीक्षक के कक्ष में लटकता मिला ताला
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मल्हीपुर में शनिवार करीब बारह बजे अधीक्षक के कक्ष में ताला लटक रहा था। इस अस्पताल का पूर्व में कई बार सीएमओ व डीएम ने निरीक्षण किया। इस दौरान यहां अक्सर चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ नदारद मिलता था। सभी से स्पष्टीकरण भी तलब किया गया, इसके बावजूद व्यवस्था में कोई बदलाव होता नहीं दिख रहा है।
घरेलू गैस सिलेंडर व थर्माकोल की प्लेट का हो रहा प्रयोग
संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा में मरीजों के लिए भोजन बनाने में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर का प्रयोग किया जा रहा है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गिलौला में मरीजों को थर्माकोल की प्लेट में भोजन परोसा जा रहा है। यहां अस्पताल में आज भी पॉलीथिन का धड़ल्ले से प्रयोग किया जा रहा है।
वार्डों में गंदगी, आराम फरमा रहे कुत्ते
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मल्हीपुर के वार्डों में गंदगी का अंबार लगा है। कई निर्देश के बाद भी इसकी सफाई नहीं कराई जा रही है। शनिवार को अस्पताल के एक वार्ड में रखे इन्वर्टर के आसपास गंदगी मिली। वहीं दूसरे वार्ड में आवारा कुत्ता लेटा दिखा। उसे जिसे भगाने की जरूरत किसी स्वास्थ्य कर्मचारी ने महसूस नहीं की।
भोजन व नाश्ता वितरण का नियम
सरकारी अस्पतालों में सुबह छह बजे से आठ बजे तक मरीजों को नाश्ता देने का नियम है। इसमें मरीज को दूध, दो अंडे या दलिया या पोहा, चार ब्रेड व दस ग्राम मक्खन देने की व्यवस्था की गई है। वहीं दोपहर में दो बजे तक भोजन में चार रोटी, दाल, मौसमी सब्जी, चावल व दही तथा सलाद देने का मेन्यू है। रात में साढ़े आठ बजे तक भर्ती मरीजों को चार रोटी, मौसमी सब्जी, चावल व मौसमी फल सहित एक गिलास दूध देने का नियम है।
नहीं दुरुस्त हुए वाटर कूलर
संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा सहित जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के लिए लाखों रुपये खर्च कर वाटर कूलर लगवाया गया था। जो खराब पड़े हैं। इनकी मरम्मत नहीं कराई जा रही है। ऐसे में अस्पताल आने वाले मरीज व तीमारदारों को या तो पानी खरीदना पड़ता है, या फिर लोग दूषित जल पीने को विवश हैं। इसके बावजूद समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
अस्पताल में बताई गई कमियों की जांच कराई जाएगी। यदि इसकी पुष्टि हुई तो जो भी इसके लिए जिम्मेदार है उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। मरीजों के स्वास्थ्य व सुविधा में कटौती किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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- डॉ. बीके सिंह, सीएमओ
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