श्रावस्ती। तराई में बढ़ती तपिश के बीच पेयजल की मांग बढ़ गई है। बावजूद इसके सिरसिया विकासखंड क्षेत्र में दर्जनों हैंडपंप खराब पड़े हैं। आलम ये है कि सार्वजनिक स्थानों पर लगे हैंडपंप वर्षों से खराब हैं।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी जिम्मेदार इनकी सुध नहीं ले रहे हैं। हैंडपंप खराब होने से लोगों में शासन-प्रशासन के प्रति भारी रोष है। हैंडपंप खराब होने से राहगीरों को बोतल व पाउच के पानी का सहारा लेना पड़ रहा है। ऐसा तब है जबकि बोर-रिबोर के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
मुख्य बाजार के पास स्थित राधा कृष्ण मंदिर में लगा हैंडपंप वर्षों से खराब है। आलम ये है कि नल आधा जमीन में धंस गया है। मंदिर में लगा हैंडपंप खराब होने से श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। साथ ही बाजार आने वाले लोग भी पाउच का पानी खरीदने के लिए मजबूर हैं। स्थानीय निवासी राजेश कुमार कसौधन ने बताया कि नल लगभग 10 साल से खराब है।
रामलीला मैदान के पास लगा हैंडपंप भी एक साल से खराब है, जबकि रामलीला मैदान में आए दिन सार्वजनिक कार्यक्रम होते रहते हैं। स्थानीय निवासी सलीम ने बताया कि एक साल में कई बार हैंडपंप सही करवाने के लिए शिकायत की गई, लेकिन जिम्मेदार मौन बने हुए हैं। नल सही न होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ राहगीरों को भी परेशानी हो रही है।
ग्राम पंचायत बालापुर में लगा हैंडपंप भी लगभग एक साल से खराब है। आलम ये है कि हैंडपंप झाड़ियों व कूड़े से पट गया है। राहगीर ननकऊ, निरंकार व भोलू आदि ने बताया कि हैंडपंप की मरम्मत के लिए कई बार शिकायत की गई है। सड़क के किनारे होने के चलते राहगीर भी गर्मी में इससे अपनी प्यास बुझाते थे, लेकिन अब उन्हें भी भटकना पड़ रहा है।
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टीम बनाकर खराब हैंडपंपों की जांच करवाई जाएगी। जांच के दौरान खराब मिलने वाले हैंडपंपों को दुरुस्त करवाया जाएगा।
-दुर्गा प्रसाद प्रजापति, बीडीओ