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अभिभावकों की भी तय हो जवाबदेही

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डायट में आयोजित नई शिक्षनिति कार्यशाला के दौरान मौजूद प्रशिक्षु। - फोटो : SRAWASTI
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इकौना (श्रावस्ती)। नई शिक्षानीति 2019 के प्रारूप में सुझाव के लिए बुधवार को डायट इकौना में शिक्षकों व शिक्षाविदों की कार्यशाला हुई। इसका शुभारंभ डायट प्राचार्य कमलेश कुमार ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इसमें शिक्षकों ने अपने सुझाव रखे। कहा कि शत प्रतिशत बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराने के लिए अभिभावकों की भी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
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डायट के वरिष्ठ प्रवक्ता कौशल कुमार ने कहा कि सरकार की ओर से बाल शिक्षा अधिकार कानून के तहत 6 से 14 साल तक के सभी बच्चों को अनिवार्य शिक्षा का अधिकार दिया गया है। कुछ कारणों से अभी भी लगभग 15 प्रतिशत बच्चे शिक्षा से वंचित हैं।
नई शिक्षानीति 2019 पूर्ण रूप से तभी सफल हो सकती है, जब शिक्षकों के साथ ही अभिभावकों की भी जवाबदेही तय होगी। प्रवक्ता आदर्श कुमार सिंह ने नई शिक्षा नीति के सभी खंडों व अध्यायों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। प्रवक्ता ओम प्रकाश यादव व गिरीश प्रसाद मिश्रा ने भी नई शिक्षा नीति की सफलता पर अपने विचार रखे।
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कार्यशाला में एबीआरसी घनश्याम व शिक्षक दीपक केसरवानी के नेतृत्व में जिले के सभी ब्लॉकों से आए प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों व डीएलएड प्रशिक्षुओं के अलग अलग समूह ने अपने सुझाव दिए। कार्यशाला में संत कुमार, बलराम सिंह व मिथिलेश मिश्रा सहित सभी विकास क्षेत्र से दस-दस शिक्षक व डीएलएड प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।
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