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चार दिन में 37.12 एमटी ही खरीदा जा सका धान

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श्रावस्ती। धान की मड़ाई के बाद किसान उसे जल्द से जल्द बेचने के लिए परेशान हैं। वहीं क्रय केंद्रों पर धान खरीद की धीमी गति के कारण किसान आधे-पौने दाम पर अपनी उपज बेचने को मजबूर हैं। एक तरफ जहां आढ़तियों के यहां धान का भंडार भर चुका है, वहीं क्रय केंद्रों पर चार दिनों में मात्र 37.12 मीट्रिक टन धान की खरीद ही हो सकी है।
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जिले में पचास फीसदी से अधिक किसान धान की फसल काट कर उसकी मड़ाई कर चुके हैं। किसानों के सामने धान के भंडारण की समस्या उत्पन्न हो गई है। घरों पर धान को सुरक्षित करने के लिए स्थान न होने के कारण जहां किसान जल्द से जल्द अपनी उपज बेचने के लिए बेताब हैं, वहीं तमाम किसान ऐसे भी हैं जो सीधे खेत से ही आढ़तियों के वहां धान पहुंचा रहे हैं।
मंडी में हड़ताल के कारण आढ़तिये भी 1000 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीद कर रहे हैं जबकि देखा जाए तो शासन द्वारा किसानों के सामान्य धान की खरीद प्रति क्विंटल 1868 रुपये निर्धारित की गई है। वहीं धान खरीद के लिए जिले में 37 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें खाद्य विभाग के पांच, एफसीआई का एक, एचसीसीएफ के दो व पीसीएफ के 29 क्रय केंद्र शामिल हैं।
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इन सभी एजेंसियों को 28 फरवरी तक जिले में 35 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है। इसके विपरीत चार दिनों में मात्र 37.12 मीट्रिक टन धान की ही खरीद हो सकी है। इसका कारण ज्यादातर धान क्रय केंद्रों पर दो दिन तक बोरे न पहुंच पाना बताया जा रहा है। हालांकि अब विभाग सभी क्रय केंद्रों पर बोरा पहुंचने का दावा कर रहा है। इसके साथ ही विभाग उम्मीद जता रहा है कि दो-एक दिन में धान की खरीद गति पकड़ लेगी।
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