कटरा। शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर रविवार को देवी मंदिर के साथ-साथ पूजन पंडाल मां दुर्गा के भजनों से गुंजायमान रहे। शहर से लेकर गांव तक पूजन पंडालों में रखी मां की प्रतिमाओं की विधि-विधान से पूजा कर आरती उतारी गई। कटरा में पंडित अनोखीलाल पाठक ने मां पार्वती के जन्म की कथा सुनाई।
कटरा के पंडितपुरवा में समाजसेवी प्रवीण कुमार बौद्ध ने मां दुर्गा की आरती उतारी और विश्व कल्याण की कामना की। दुर्गा पूजन पंडाल में जारी कथा में पंडित अनोखी लाल पाठक ने कहा कि देवी भागवत पुराण के अनुसार राजा हिमालय के घर देवी पार्वती का जन्म हुआ था। उनको आठ वर्ष की आयु में ही अपने पूर्व जन्म की घटनाओं का आभास होने लग गया था। तब से ही उन्होंने भगवान शिव को अपना पति मान लिया और उनको प्राप्त करने के लिए तपस्या शुरू कर दी थी। तपस्या के दौरान एक वक्त ऐसा आया कि मां केवल कंदमूल फल और पत्तों का आहार करने लगीं। बाद में मां ने केवल वायु पीकर ही तप करना आरंभ कर दिया। मां की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उनको गंगा स्नान करने को कहा।
इस दौरान अनिल त्रिपाठी, नरेंद्र मिश्रा, रामनाथ मिश्रा, रोशन लाल मिश्रा, लाल बिहारी पाठक, जानकी प्रसाद वर्मा आदि मौजूद रहे। ग्राम पंचायत शिवगढकला के मजरा लोखडियनपुरवा के श्रीराम जानकी मंदिर में महिलाओं ने मां की आरती उतारी और पूजन किया।