श्रावस्ती। किसानों की सुविधा के लिए तैनात अधिकारी ही किसानों का फोन उठाने से परहेज कर रहे हैं। इसकी शिकायत किसान उच्च अधिकारियों से भी कर रहे हैं। अधिकांश किसानों का दावा है कि क्रय केंद्रों पर बरती जा रही अनियमितता की शिकायत के लिए जब भी डिप्टी आरएमओ (जिला खाद्य विपणन अधिकारी) को फोन किया जाता है तो वह उठाते ही नहीं हैं। ऐसे ही किसानों के साथ आम लोगों ने कई अन्य अधिकारियों पर भी जनहित में जारी फोन नंबर नहीं उठाने की शिकायत की है।
धान क्रय केंद्रों पर भारी अनियमितता बरती जा रही है। किसी केंद्र पर अवैध वसूली की समस्या है तो कहीं घटतौली का मामला है। कहीं-कहीं बोरा न होने तो अधिकांश केंद्रों पर धान बेचने के बाद पैसे का भुगतान न होने की समस्या है। अपनी इस समस्या के समाधान के लिए किसान फरियादी के रूप में खाद्य विपणन कार्यालय आ रहे हैं।
यहां किसानों को अधिकारी के न होने व फील्ड में जाने की बात कह कर वापस जाने को कहा जा रहा है। कार्यालय के कर्मचारी किसानों को समस्या समाधान के लिए खाद्य विपणन अधिकारी के फोन नंबर पर संपर्क करने के लिए कह रहे हैं। इस पर जब किसान खाद्य विपणन अधिकारी के नंबर पर संपर्क करते हैं तो उनका फोन ही नहीं उठाता।
यही नहीं कुछ किसानों का आरोप है कि खाद्य विपणन अधिकारी का फोन डायवर्ट रहता है। इससे उनसे संपर्क नहीं होता। किसानों के दावे पर जब खाद्य विपणन अधिकारी के नंबर पर जन प्रतिनिधि व मीडिया कर्मियों ने संपर्क किया तो शिकायत की पुष्टि हुई। कई बार प्रयास के बाद भी उनका फोन नहीं उठा। इसी प्रकार की स्थिति थाना सिरसिया में भी है। यहां तैनात प्रभारी निरीक्षक के सीयूजी नंबर पर जब फरियादियों ने अपनी व्यथा सुनाने के लिए फोन किया तो उनका भी फोन नहीं मिला। यही स्थिति सोनवा थाने की भी है, जबकि सभी थानों में लगे बेसिक फोन लगभग खराब हैं।
डीएम का फरमान नहीं सुन रहे कर्मचारी
कार्यालय आने वाले फरियादियों से जिलाधिकारी टीके शिबु फोन पर ही अपनी समस्या अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कहते रहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने फोन से दर्ज कराई गईं शिकायतों का शत प्रतिशत निपटारा कराने का निर्देश अधिकारियों को दे रखा है। यही नहीं इस बात को डीएम ने कई अन्य मंचों से भी कहा कि श्रावस्ती की भौगोलिक स्थिति ऐसी है जहां से चल कर कलेक्ट्रेट आना हर व्यक्ति के लिए संभव नहीं है। इसलिए प्रयास करें कि किसी भी फोन से अपनी फरियाद उन तक व जिले के अन्य अधिकारियों तक पहुंचाएं। उनकी शिकायतों का निस्तारण कराकर उसी फोन नंबर पर उन्हें सूचना उपलब्ध कराई जाएगी। डीएम के इस आदेश को उनके ही अधीनस्थ कर्मचारी ही अनसुना कर रहे हैं।
किन कारणों से अधिकारियों के फोन व सीयूजी नंबर नहीं मिल रहे हैं, इसका कारण पता लाया जाएगा। इसके साथ ही सभी अधिकारियों को निर्देश दिया जाएगा कि वह 24 घंटे आम जनता की समस्याओं को सुनकर निस्तारण करें। इसमें हीला हवाली नहीं होने दी जाएगी। - योगानंद पांडेय, अपर जिलाधिकारी