आंख के मरीजों का उपचार करते चिकित्सक। - संवाद
श्रावस्ती। संयुक्त जिला चिकित्सालय में नेत्र विशेषज्ञ के कक्ष में मरीजों की काफी भीड़ जुट रही है। इनमें आंख का ऑपरेशन कराने वाले मरीजों की संख्या अधिक रहती है। बृहस्पतिवार को आंख के लगभग 79 मरीजों की ओपीडी की गई।
सर्दी का मौसम शुरू होते ही आंख का ऑपरेशन कराने वाले मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। मरीज ठंड के मौसम को अधिक सुरक्षित मानते हैं। नेत्र सर्जन डॉ. फणींद्र तिवारी ने बताया कि नई टेक्नोलॉजी से ऑपरेशन करने में मौसम का कोई बहुत महत्व नहीं। हालांकि लोगों की मान्यता है कि ठंड में ऑपरेशन ज्यादा सुरक्षित होता है और संक्रमण का खतरा कम रहता है।
बताया कि इस समय ज्यादातर मोतियाबिंद, आंखों में मांस चढ़ने व सूखेपन के मरीज अधिक रहते हैं। एक दिन में चार से छह मरीजों का ही ऑपरेशन हो सकता है। साथ ही ओपीडी में देखना पड़ता है, जिससे मरीजों को उनकी सुविधा के अनुसार दो से तीन दिन के बाद बुलाया जाता है।
उन्होंने बताया कि इस समय अलाव व हीटर सेंकने के कारण आंखें सूखने की समस्या ज्यादा हो रही है। ऐसे में लोग एहतियात के साथ ही अलाव व हीटर का प्रयोग करें।