श्रावस्ती। भूमि संरक्षण इकाई श्रावस्ती में प्राविधिक सहायक की ओर से संविधान व सरकारी परियोजनाओं के साथ कोविड संक्रमण रोकने के लिए किए जा रहे सरकारी प्रयासों पर प्रतिकूल टिप्पणी की गई। इस पर तीन दिन पूर्व ही प्राविधिक सहायक को विभाग ने नोटिस दिया था।
इसमें तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने को कहा गया था। समय बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण अब विभाग में ही इस मुद्दे को लेकर प्रतिक्रिया शुरू हो गई है। इसका कारण कुछ दिन पूर्व विभाग में ही इसी मुद्दे को लेकर एक कर्मचारी को निलंबित कराना बताया जा रहा है।
भूमि संरक्षण इकाई में तैनात प्राविधिक सहायक ग्रुप सी सुभाष चंद्र शुक्ला ने लगातार अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर संविधान, सरकारी योजना के साथ साथ जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध कई आपत्ति जनक पोस्ट किया था। इस को विभाग ने ही संज्ञान में लेकर 13 अप्रैल को उन्हें एक नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा था। निर्धारित समय बीतने के बाद भी कर्मचारी की ओर से अपना जवाब नहीं दिया गया। इसको लेकर अब विभाग में ही मौखिक विवाद शुरू हो गया है।
इसका कारण है कि कुछ ही दिन पूर्व इसी प्रकार के आरोप में उप कृषि निदेशक आरपी राना ने प्राविधिक सहायक मेहरुद्दीन अंसारी को निलंबित कर दिया था। अब कर्मचारी ही इसको मुद्दा बना कर एक ही विभाग के दो शाखाओं में एक ही आरोप पर अलग अलग कार्रवाई की बात कह रहे हैं। वहीं इस संबंध में भूमि संरक्षण अधिकारी शिविर वर्मा कहते हैं कि स्पष्टीकरण मांगा गया है। गुरुवार को स्पष्टीकरण समयावधि पूरी हुई है। इसके बाद भी यदि कोई जवाब नहीं आता है तो अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।