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सभी बच्चों को नहीं मिला स्वेटर

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श्रावस्ती में विद्यालय की जांच करती डीएम। - फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। परिषदीय विद्यालयों का हाल जानने के लिए सोमवार को डीएम ने सीडीओ संग प्राथमिक विद्यालय परानपुर, इमलिया नरायन व अमवा का निरीक्षण किया। इस दौरान जहां उन्हें शत प्रतिशत बच्चों को स्वेटर न मिलने की जानकारी मिली। वहीं एमडीएम व शिक्षा की गुणवत्ता भी खराब मिली। इतना ही नहीं बच्चे घर से बर्तन लाकर फर्श पर एमडीएम खाते मिले। वहीं हस्ताक्षर बना कर एक शिक्षिका नदारद मिली। इसके लिए डीएम ने फटकार लगाते हुए खंड शिक्षा अधिकारी को व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया।
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जिलाधिकारी यशु रुस्तगी सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी अवनीश राय के साथ प्राथमिक विद्यालय परानपुर पहुंची। जहां उन्होंने देखा कि बच्चे फर्श पर बैठ कर मध्याह्न भोजन कर रहे थे। भोजन में बच्चों को आलू और सोयाबीन की सब्जी तथा रोटी परोसा गया था। विद्यालय में थाली होने के बावजूद बच्चे अपने घर से बर्तन लाए थे। एमडीएम की जांच में उसकी गुणवत्ता खराब मिली। यहां पंजीकृत 62 के सापेक्ष 44 बच्चों को ही स्वेटर दिया गया था।
एमडीएम पंजिका में 31 बच्चों की उपस्थिति दिखाई गई, जब कि मौके पर 20 बच्चे उपस्थित मिले। बच्चों की शिक्षा भी संतोषजनक नहीं मिली। इस पर डीएम ने प्रधान शिक्षिका जान्हवी यादव, सहायक अध्यापक विनोद कुमार वर्मा, शिक्षामित्र भागीरथ सहित रसोईये को फटकार लगाते हुए एमडीएम की गुणवत्ता सुधरने की नसीहत दी। प्राथमिक विद्यालय इमलिया नरायन में 103 बच्चे पंजीकृत मिले। एमडीएम पंजिका में 51 बच्चों की उपस्थिति दिखाई गई, जब कि मौके पर 36 बच्चे ही उपस्थिति मिले। यहां केवल 74 बच्चों को ही स्वेटर दिया गया था
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। विद्यालय में बच्चे यूनीफार्म व जूता पहन कर नहीं आए थे। पढ़ाई का स्तर भी खराब मिला। इस पर प्रधान शिक्षिका आभा तिवारी, सहायक अध्यापिका शैल कुमारी एवं शिक्षामित्र कृष्ण कुमार को फटकार लगाई गई। प्राथमिक विद्यालय अमवां में निरीक्षण के दौरान प्रधान शिक्षिका अनुपम श्रीवास्तव, शिक्षामित्र राकेश कुमार राव मौजूद मिले, जबकि सहायक शिक्षिका ज्योति सागर हस्ताक्षर बना कर नदारद मिलीं। यहां भोजन की गुणवत्ता व शिक्षा का स्तर खराब मिलने पर प्रधान शिक्षिका को फटकार लगाई। विद्यालय में तीन वर्ष से तैनात होने के बावजूद प्रधान शिक्षिका की ओर से निरीक्षण पंजिका उपलब्ध नहीं कराई गई। यहां 84 के सापेक्ष 33 बच्चे ही उपस्थित मिले। इस पर खंड शिक्षाधिकारी से सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
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