नानपारा-बरदेहरा मार्ग जाम कर प्रदर्शन करते ग्रामीण।
श्रावस्ती/तुलसीपुर/गिलौला। अर्नब तूफान के दौरान चली तेज हवाओं से गिरे विद्युत पोलों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था आठवें दिन भी पटरी पर नहीं लौट सकी। जमुनहा और इकौना तहसील क्षेत्र के करीब 500 गांवों में शुक्रवार को भी बिजली आपूर्ति बाधित रही। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। जमुनहा तहसील क्षेत्र में नाराज ग्रामीणों और व्यापारियों ने नानपारा-बरदेहरा मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया। बाद में नायब तहसीलदार और अवर अभियंता को मांग पत्र सौंपा।
जमुनहा क्षेत्र के 300 से अधिक गांवों में आठ दिन से बिजली नहीं है। नासिरगंज कस्बे में विद्युत उपकेंद्र लक्ष्मननगर से आपूर्ति होती है। शुक्रवार को बिजली न आने से नाराज कस्बावासियों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने भी दुकानें बंद कर प्रदर्शन में हिस्सा लिया। वकार हैदर जीनू, विनोद गुप्ता, आलोक गुप्ता और प्रकाश तिवारी आदि ने कहा कि बिजली न होने से पेयजल संकट बना है। मोबाइल चार्ज करने के लिए भी भटकना पड़ रहा है। व्यापारियों के अनुसार कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
सूचना पर नायब तहसीलदार जमुनहा अंबरीष कुमार और अवर अभियंता देवकीनंदन मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से वार्ता कर बिजली व्यवस्था जल्द बहाल कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम खुल सका। इकौना तहसील क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में भी शुक्रवार को बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। गिलौला निवासी ननकू, मोहन, बदलू, रमेश, जमाल, रामू कश्यप, एकघरवा के विनय कुमार और कोट मुबारकपुर के अनिल पांडेय ने बताया कि विभागीय अधिकारी फोन नहीं उठा रहे हैं।
कई स्थानों पर गिरे पोल अब तक नहीं उठाए गए हैं। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों पर भी ध्यान न देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 11 अक्तूबर से शारदीय नवरात्र और रामलीला शुरू होने वाली है। ऐसे में जल्द बिजली बहाल नहीं हुई तो परेशानी और बढ़ेगी। एक्सईएन राजनरायण ने बताया कि तूफान में 400 से अधिक विद्युत पोल व ट्रांसफार्मर टूट गए थे। सभी एसडीओ, जेई व अन्य कर्मी दिन-रात आपूर्ति बहाल करने के लिए प्रयासरत हैं। जल्द ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति भी बहाल हो जाएगी।