श्रावस्ती। योगी सरकार का 10 वां बजट बुधवार को विधानसभा में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पेश किया। इस बजट से जिले में तैनात 1230 शिक्षामित्रों को भी अपने मानदेय बढ़ने की आस थी। फिलहाल उनके हाथ अभी निराशा ही लगी है, लेकिन 1.12 लाख करोड़ के शिक्षा बजट से अभी भी उनमें उम्मीद बाकी है।
भविष्य में हो सकती है घोषणा
प्राथमिक शिक्षामित्र संघ श्रावस्ती के जिलाध्यक्ष निर्मल शुक्ल ने बताया कि बजट भाषण में शिक्षामित्रों की उपेक्षा से निराशा है। फिर भी इस बार शिक्षा के बजट में छह हजार करोड़ की बढ़ोत्तरी होने से उम्मीद है कि भविष्य में शिक्षामित्रों को मानदेय बढ़ोत्तरी का लाभ मिल सकता है।
चुनावी बजट से शिक्षामित्र को है उम्मीद
शिक्षामित्र शंकर शरण शुक्ल ने कहा कि बजट का आकार तो बढ़ा, लेकिन फिर भी शिक्षामित्रों के मानदेय व नियमितीकरण पर कोई चर्चा नहीं की गई। हालांकि चुनावी बजट होने से शिक्षामित्रों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ अल्प मानदेय पर काम कर रहे शिक्षामित्रों को भी निराश नहीं करेंगे।
शिक्षा बजट में नहीं मिली प्रमुखता
जमुनहा में तैनात शिक्षामित्र लक्ष्मी राम वर्मा ने बताया कि इसी उम्मीद में पूरे बजट भाषण को ध्यान से सुना गया कि मानदेय की घोषणा होगी। क्योंकि शिक्षामित्र संघ लगातार मानेदय बढ़ोत्तरी की मांग कर रहा है, लेकिन अंत में उनके हितों पर कोई चर्चा नहीं हुई। अब बस उम्मीद ही बाकी है।
जारी रहेगी मानदेय की लड़ाई
उत्तर प्रदेश शिक्षामित्र संघ के जिला महामंत्री सुभाष चंद्र ने बताया कि सभी शिक्षामित्रों को इस बजट से काफी उम्मीद थी। फिर भी उन्हें निराशा ही मिली है। यदि शीघ्र ही मानदेय नहीं बढ़ाया गया तो संघ आंदोलन करेगा। हालांकि अभी भी शिक्षामित्र मुख्यमंत्री से उम्मीद लगाए हुए हैं।
निर्मल शुक्ल
निर्मल शुक्ल