राजर्षि काली मंदिर में पूजा करते लोग।
श्रावस्ती। शारदीय नवरात्र का शुभारंभ रविवार से हुआ। सुबह से ही मंदिरों में घंटे-घड़ियाल गूंजने लगे और घरों में घट स्थापना के साथ पूजा-अर्चना शुरू हो गई। पहले दिन श्रद्धालुओं ने मां शैलपुत्री की पूजा की। तराई में नवरात्र को लेकर खासा उत्साह दिखा। पूजा पंडाल सजकर तैयार हो गए हैं। कई जगह प्रतिमाएं स्थापित की जा चुकी हैं, जबकि अन्य स्थानों पर तैयारियां जारी हैं। भिनगा स्थित राजर्षि काली मंदिर में नौ दिनों तक दुर्गा सप्तशती पाठ होगा। यहां सुबह आठ बजे और शाम सात बजे विशेष पूजा व आरती की जा रही है। इकौना के बेंचूबाबा मंदिर, जमुनहा के जगतपति धाम, भंगहा के काली मंदिर और शिवगढ़कलां के श्रीराम जानकी मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना हुई। सुबह से ही भक्तों की भीड़ जुटने लगी।
467 पूजा पंडालों में स्थापित होंगी प्रतिमाएं
जिले में कुल 467 पूजा पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं। यहां धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। सुरक्षा के लिए पुलिस-प्रशासन ने इंतजाम किए हैं। एएसपी चंद्रकेश सिंह ने बताया कि पूजा पंडालों और विसर्जन स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिसकर्मियों को नियमित गश्त और अराजक तत्वों पर निगरानी रखने को कहा गया है। शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।