श्रावस्ती में स्कूल के पीछे हो रहा खनन।
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श्रावस्ती। बाढ़ग्रस्त क्षेत्र मुजहेनिया में प्राथमिक स्कूल के पीछे मिट्टी का खनन किया जा रहा है। ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों की माने तो मिट्टी खनन के लिए यहां मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। मिट्टी के निकलने से बरसात के दिनों में स्कूल कट कर नदी में मिल जाएगा।
मुजेहेनिया गांव राप्ती के तट पर स्थित है। यह गांव बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में आता है। जहां बरसात में आने वाली बाढ़ से सभी प्रभावित होते हैं। बरसात में यहां के स्कूल भी लगभग जलमग्न ही रहते हैं। इन समस्याओं के बावजूद कुछ लोगों ने ठेकेदार को मिट्टी निकालने के लिए प्राथमिक स्कूल के पीछे अपनी भूमि दे दी। ठेकेदार मिट्टी निकालने के लिए रात में पुकलैंड मशीन से का प्रयोग कर रहा है। मिट्टी का खनन कर इससे निर्माणाधीन मंडी परिषद की भराई की जा रही है।
बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र व स्कूल से नजदीक खनन होने के कारण ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। ग्रामीणों की माने तो यहां लगभग पांच फिट तक गहरी मिट्टी का खनन हो चुका है। ठेकेदार रात में पुकलैंड मशीन से खनन करा रहा है। अब इससे ज्यादा खनन हुआ तो बाढ़ के समय आसपास के खेत की मिट्टी भी बाढ़ के पानी में बह जाएगी। इससे स्कूल के अस्तित्व पर भी संकट मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने अधिकारियों से मिट्टी खनन पर रोक लगाने की मांग की है।
इस संबंध में खनन निरीक्षक सीपी जायसवाल ने बताया कि 6.6 फिट गहराई तक मिट्टी खनन के लिए छूट है। खनन के लिए केवल छोटी मशीनों का इस्तेमाल किया जा सकता है। खनन में इस्तेमाल होने वाली मशीन की बूम बैच की लंबाई तीन मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। यदि कहीं पर तीन मीटर लंबे बूम बैच वाले मशीन से खनन हो रहा है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।