श्रावस्ती। जिले में सोमवार से 14 फरवरी तक सघन मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम का संचालन किया जाएगा। इसमें कोई भी नवजात, बच्चा व गर्भवती अछूती न रहे। इसके लिए डीएम ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को ड्यूलिस्ट के अनुसार शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने का निर्देश दिया।
कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी यशु रुस्तगी ने सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारियों के साथ बैठक की जिसमें उन्होंने तीन फरवरी से शुरू हुए मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए निर्देश दिए। कहा कि प्रभारी यह सुनिश्चित करें कि सभी एएनएम व आशा अपने क्षेत्रों में परिवार नियोजन के प्रति लोगों को जागरूक करके उनका प्रयोग करने के लिए प्रेरित करें।
इसके साथ ही उन्हें यह भी बताएं कि अंतरा इंजेक्शन सभी महिलाओं के लिये सुरक्षित व उपयुक्त साधन हैं जिसे नवदंपती, प्रसव के बाद स्तनपान कराने वाली महिला, प्रसव होने के 6 सप्ताह बाद शुरू कर सकती हैं।
बताया कि ऐसी महिला जो दो बच्चों के बीच में अंतर रखना चाहती हैं, वह यह इंजेक्शन किसी भी समय चिकित्सक से उचित स्क्त्रस्ीनिंग के बाद लगवा सकती हैं। पहला इंजेक्शन माहवारी शुरू होने के सात दिन के अंदर, प्रसव होने के छह सप्ताह बाद एवं गर्भपात होने के बाद तुरंत या सात दिनों के बाद यह इंजेक्शन लगवाया जा सकता हैं। इंजेक्शन लगवाने से स्वास्थ्य पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता हैं। इससे एनीमिया रोकने में भी मदद मिलती हैं। इस मौके पर सभी प्रभारी चिकित्सक मौजूद रहे।