आनंद कुटी में शुक्रवार को पूजन-अर्चन करते कोरिया से आए अनुयायी। - संवाद
कटरा। कोरिया के अनुयायियों का 40 सदस्यीय दल शुक्रवार को बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती पहुंचा। सभी ने बौद्ध भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में पारंपरिक ढंग से आनंद कुटी में पूजन-अर्चन किया। इस दौरान बौद्ध सभा का भी आयोजन किया गया।
बौद्ध सभा को संबोधित करते हुए भिक्षु देवानंद ने कहा कि आध्यात्मिक साधना के लिए ध्यान का अभ्यास जरूरी है। बौद्ध धर्म में ध्यान को अत्यंत आवश्यक माना गया है। संवेदनाओं से ऊपर उठना और अपने विचारों पर नियंत्रण रखना, बुद्धत्व प्राप्त करने के लिए बहुत जरूरी है।
उन्होंने आगे बताया कि जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण काम पहले करना चाहिए। सिर्फ प्रार्थना करते रहने से कुछ भी नहीं मिलता। किसी चीज की प्राप्ति के लिए कर्म करना और सही दिशा में सक्रिय होना आवश्यक है। निष्क्रिय होने से कुछ भी प्राप्त नहीं होता है। सत्य कभी किसी से नहीं छिपता। असत्य को अपने आचरण में न उतारें, उससे दूर रहने में ही मनुष्य की भलाई है।