भिनगा में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्र।- संवाद
श्रावस्ती। भिनगा क्षेत्र में निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों का जाल फैला है। यहां लगभग आठ प्राइवेट अल्ट्रासाउंड केंद्र हैं। इनमें से कई केंद्रों पर न तो पंजीकृत चिकित्सक मिलते हैं और न ही प्रशिक्षित कर्मी मौजूद रहते हैं। वहीं विभागीय जांच भी कभी-कभी ही होती है। ऐसे में यह केंद्र संचालक बेखौफ होकर लोगों के जिंदगी के साथ खिलवाड़ करते नजर आते हैं।
संयुक्त जिला चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड की निशुल्क सुविधा उपलब्ध है। इसके बाद भी निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। हाल ही में लखनऊ की एक चिकित्सक ने एक सहारा अल्ट्रासाउंड केंद्र के संचालक पर बिना उसकी अनुमति के उनके शैक्षिक अभिलेखों का प्रयोग करने का आरोप लगाया था। इसी तरह से अन्य केंद्रों पर भी आजमगढ़, बलिया व गोरखपुर के चिकित्सकों की डिग्री लगाकर अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
सिर्फ औपचारिकता के लिए होती है विभागीय जांच
कभी कभार अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच औपचारिकता के लिए कराई जाती है। क्योंकि जांच के बाद भी केंद्रों की व्यवस्था में कोई परिवर्तन नहीं होता है। कई बार तो जांच की भनक लगते ही अल्ट्रासाउंड केंद्र बंद करके संचालक मौके से चले जाते हैं। जांच टीम के हटते ही पुन: केंद्रों का संचालन शुरू हो जाता है।
शिकायत पर होती है विशेष जांच
जब किसी अल्ट्रासाउंड केंद्र के खिलाफ कोई शिकायत करता है तो विशेष टीम बनाकर जांच की जाती है। सामान्य रूप से दो माह में एक बार सामान्य जांच विभाग कराता है। कमी मिलने पर कार्रवाई भी की जाती है।
- डॉ. दिनेश सिंह, डिप्टी सीएमओ