जमुनहा के जोगिया गांव में लोगों के घरों के पास बह रही राप्ती नदी।
श्रावस्ती/तुलसीपुर। मानसून का समय नजदीक आने से बाढ़ पीड़ित चिंतित हैं। पूर्व के वर्षों में आई भीषण बाढ़ में अपना घर-खेत गंवाने वाले पीड़ित बाढ़ आने से पहले सुरक्षित ठिकानों को तलाशने लगे हैं। जमुनहा तहसील क्षेत्र में नदी के मुहाने पर पहुंच चुके कई घरों के निवासरत लोग सबसे ज्यादा चिंतित हैं।
राप्ती की लहरें हर साल जमुनहा व इकौना तहसील क्षेत्र के सैकड़ों घरों व जमीन को निगल जाती हैं। बावजूद इसके जिम्मेदारों द्वारा बाढ़ बचाव के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। जमुनहा तहसील के जोगिया गांव के छह घरों को साल 2014 में काटने के बाद राप्ती एक बार फिर जोगिया की ओर बढ़ने लगी है। वहीं, कटान पीड़ितों का आरोप है कि कटान के बाद से आज तक उन्हें कोई सहायता नहीं मिली। सभी खुद से दूसरे स्थान पर घर बनाकर जीवन यापन कर रहे हैं।