कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक करती डीएम।
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श्रावस्ती। आयुष्मान भारत योजना जिले में बेपटरी है। लक्ष्य के सापेक्ष चिह्नित लोगों का अभी तक गोल्डन कार्ड नहीं बन पाया। जिन लोगों का गोल्डन कार्ड बना भी उसमें से कम ही लोग अपना इलाज कार्ड के माध्यम से करा पाए। कार्ड से जिन लोगों ने इलाज कराया उनमें से अधिकांश सरकारी अस्पतालों तक ही सिमटे रहे। इसका खुलासा बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में डीएम के सामने हुआ। इस पर उन्होंने सीएमओ को सप्ताह में चार दिन कैंप लगाकर लोगों के कार्ड बनाने के निर्देश दिए। इस दौरान कई अन्य योजनाओं की खामियां भी सामने आई।
आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में कुल 72144 लोग चिह्नित किए गए हैं। यह वह लोग हैं जो आर्थिक रूप से गरीब हैं। इन चयनित लोगों में से अब तक मात्र 52852 गरीबों का ही गोल्न कार्ड बन पाया है। इसमें से मात्र 1800 लोगों ने अब तक कार्ड का इस्तेमाल किया है। अधिकांश लोगों ने इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों का ही चयन किया। चिह्नित लोगों के सापेक्ष कम लोगों का गोल्डन कार्ड बनने का खुलासा बुधवार की शाम जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक के दौरान हुआ। इस पर डीएम यशु रुस्तगी ने सीएमओ को सप्ताह में चार दिन कैंप लगा कर लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड उपलब्ध कराने को कहा।
इसी के साथ ही सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को एएमएम से कलेस्टर मीटिंग में एजेंडा बना कर बैठक करने व प्रगति के बारे में आशा से चर्चा कर समीक्षा करने को कहा। संस्थागत प्रसव वाली महिलाओं को समय से जननी सुरक्षा योजना का लाभ देने के साथ ही बैंक अकाउंट मैनेजर के साथ बैठक कर समीक्षा करने का निर्देश दिया। कहा प्रभारी चिकित्साधिकारी एएनएम और आशा के माध्यम से लोगों को परिवार नियोजन के साधनों को अपनाने के लिए प्रेरित करें। सघन मिशन इंद्रधनुष की निरंतर मॉनीटरिंग करने की बात कही। इस दौरान पता चला कि एनआरसी में अतिकुपोषित बच्चों की उपस्थिति कम हो रही है।
सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को कार्यवाही करने का निर्देश दिया। इस दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, जननी सुरक्षा योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, हाई रिस्क गर्भवती की पहचान सहित अन्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। मौके पर सीडीओ अवनीश राय, सीएमओ डॉ. वीके सिंह, जिला विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी, एसीएमओ डॉ. मुकेश मातन हेलिया, बीएसए ओमकार राणा, डब्ल्यूएचओ की एसएमओ डॉ. प्रिया बंसल सहित सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी, डीसीपीएम व बीसीपीएम मौजूद रहे।