श्रावस्ती। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने के लिए करीब दस गांवों के ग्रामीणों ने संघर्ष समिति का गठन किया है। समिति के पदाधिकारियों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम इकौना को सौंपा।
एसडीएम इकौना राजेश मिश्रा को सौंपे ज्ञापन में समिति के अध्यक्ष रीखम चौधरी ने बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने की मांग की है। संघर्ष समिति ने ग्राम कटरा, खरगूपुर, चक्र भंडार, राजगढ़ गुलरिहा, खरगौरा बस्ती, खरगौरा गणेश, तेंदुआ पंडित, मल पुरवा गांव को सम्मिलित कर श्रावस्ती को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने की बात कही है।
उन्होंने कहा है कि श्रावस्ती में हवाई अड्डा, राजकीय महाविद्यालय, बालिका इंटर कॉलेज, महिला पीजी कॉलेज, तीन इंटर कॉलेज, रिपोर्टिंग पुलिस चौकी, पशु चिकित्सालय, राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, विद्युत उपकेंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, एएनएम सेंटर, बीएसएनएल उपकेंद्र के साथ कई निजी मोबाइल कंपनियों के टावर, किसान सेवा सहकारी समिति, प्रधान मंत्री कौशल केंद्र, विभिन्न बैंकों की चार शाखाएं, पेट्रोल पंप सहित तीन स्टार के कई होटल, हस्तशिल्प कला केंद्र स्थिति है।
इसके साथ ही गांधी आश्रम, जल निगम की पानी टंकी, पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से सहेट महेट समेत तमाम संरक्षित स्थल, इंटरनेशनल रेस्टोरेंट्स, विश्व शांति घंटा, बुद्धा थीम पार्क भी श्रावस्ती में स्थित है। इसके साथ ही विभिन्न देशों के मंदिर, महामंकोल बुद्ध मंदिर, थाईलैंड मंदिर, चेतन महाविहार, विपासना, चाइना मंदिर, बर्मीज बुध विहार, श्रीलंका बुद्ध विहार, कंबोडिया मंदिर, म्यांमार मॉनेस्ट्री, कोरिया मंदिर, बौद्ध विहार, तिब्बत स्तूप, महा जया सूखा बुद्ध विहार म्यांमार, महा प्रजापति गौतमी बिछड़ी ट्रेनिंग सेंटर, तिब्बत बुद्ध विहार, भारत नेपाल मैत्री बुध विहार, इंडियन बुद्ध महाविहार, इंडियन बुद्ध विहार, दिगंबर जैन मंदिर, जैन श्वेतांबर मंदिर के साथ ही कई अन्य सरकारी व गैर सरकारी कार्यालय, स्कूल व अन्य संस्थान उपलब्ध हैं।
ऐसे में केवल इस क्षेत्र को नगर पंचायत का दर्जा देना बाकी है। इसके लिए सरकार को कोई अतिरिक्त व्यय संसाधन निर्माण के लिए नहीं करना होगा। इस मौके पर मनीष चौधरी, कुबेरनाथ चौधरी, कृष्णा निवास पटेल, इंद्रदेव गुप्ता, मनोज कुमार दुबे, वीरेंद्र कुमार चौधरी सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।