श्रावस्ती/गिरंट बाजार। तराई में लंपी वायरस की दस्तक से पशुपालकों में दहशत का माहौल है। भिनगा कस्बे में निराश्रित घूम रहे कई गोवंशों में लंपी वायरस के लक्षण दिखे हैं। गिरंट क्षेत्र के कई गांवों में पालतू पशु इसकी चपेट में आ गए हैं। पशुपालक गोवंशों को लंपी से बचाने के लिए एहतियात बरतने के साथ-साथ इलाज भी करवा रहे हैं।
तराई के सैकड़ों गोवंश लंपी वायरस की चपेट में आ गए हैं, इससे जिले में दहशत का माहौल बन गया है। मंगलवार को दीवानी परिसर के पास एक गाय में लंपी वायरस के लक्षण दिखे। गाय के पूरे शरीर पर बड़ी-बड़ी गांठें बनी नजर आईं।
गिरंट ग्राम पंचायत के मजरा रामदीनपुरवा, गोपाल सराय आदि गांवों में भी दर्जनों गोवंशों में लंपी वायरस के लक्षण मिले हैं। रामदीनपुरवा निवासी पशुपालक रमाशंकर यादव ने बताया कि उनका गोवंश छह दिन से वायरस की चपेट में है और कुछ खा-पी नहीं रहा है।
रमाशंकर यादव ने आरोप लगाया कि हरदत्तनगर गिरंट के पशु चिकित्सक से संपर्क करने पर उन्होंने अवकाश पर होने व हेल्पलाइन नंबर 1962 पर फोन करने की सलाह दी। 1962 पर फोन करने पर संबंधित ने आने से मना कर दिया, जिसके बाद निजी चिकित्सक से दवा ले रहे हैं।
पशुपालक राजेश ने बताया कि उनके गोवंश को भी बुखार व गांठें पड़ी हैं। निजी चिकित्सक से इलाज करवा रहे हैं। अब्बास अली ने बताया कि उनके बैल को 10 दिनों से समस्या है, इलाज करवा रहे हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ है।
क्या है लंपी वायरस
लंपी वायरस पशुओं में फैलने वाला त्वचा संबंधी रोग है, इससे ग्रसित पशु के शरीर पर गांठें पड़ जाती हैं। साथ ही पशु को तेज बुखार, दूध उत्पादन में कमी, भूख न लगना आदि समस्याएं होती हैं। अगर संक्रमित पशु के आसपास स्वस्थ पशुओं को रखा जाए, तो उनके भी लंपी की चपेट में आने का खतरा बना रहता है।