बंजारनपुरवा से पिपरहवा को जोड़ने वाला जर्जर मार्ग।- संवाद
गिरंट बाजार। जनता की सुगम आवागमन की उम्मीदों पर क्षेत्र की दर्जनों खस्ताहाल सड़कें पानी फेर रही हैं। बदहाली का आलम यह है कि 30 से 40 गांवों को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग भी गड्ढों की चपेट में हैं। सड़कों पर बिखरी पड़ी गिट्टियां वाहन चालकों को हादसे का शिकार बना रही हैं। प्रतिदिन दो दर्जन से अधिक बाइक व साइकिल सवार गिरकर चोटिल हो जाते हैं। बावजूद इसके, जिम्मेदार अनजान बने हुए हैं। करोड़ों का बजट मिलने के बाद भी राहगीरों को खस्ताहाल सड़कों के भरोसे छोड़ दिया गया है। प्रस्तुत है हरदत्त नगर गिरंट क्षेत्र की कुछ सड़कों की पड़ताल करती हुई रिपोर्ट...
हरदत्त नगर गिरंट बाजार से मलंग शाह चौराहा जाने वाले मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं, गिट्टियां बिखरी पड़ी हैं। ऐसा तब है, जब यह बड़घदपुरवा, खांसाहबपुरवा व तेंदुवा सहित लगभग 40 गांवों की 20 हजार से अधिक की आबादी के आवागमन का मुख्य मार्ग है। इस मार्ग से प्रतिदिन एक हजार से अधिक लोग गुजरते हैं। लोग गिट्टियों के चलते हादसे का शिकार होते रहते हैं। राहगीर रहमान खां व त्रिलोकी पटवा ने बताया कि मोड़ पर बिखरीं गिट्टियां सबसे ज्यादा घातक साबित हो रही हैं।
बंजारनपुरवा पॉवर हाउस से पिपरहवा जाने वाले मार्ग पर जगह-जगह चक्तियां लगी हैं। गुणवत्ताविहीन चक्तियों के चलते बजड़ियां सड़क पर बिखरी पड़ी हैं, बाइक सवार फिसल कर घायल होते रहते हैं। यह मार्ग बंजारनपुरवा, सिटकहना, रामपुर, पिपरहवा सहित 30 से अधिक गांवों के लोगों के आवागमन का मुख्य मार्ग है। स्थानीय निवासी दिनेश यादव व रामजस बघैल ने बताया कि सड़क पर चक्तियां लगाकर छोड़ दी गई हैं, ये चक्तियां उजड़कर हादसे का कारण बन रही हैं।
बंजारनपुरवा से भारीगांव, इटहैया होते हुए नासिरगंज बाजार जाने वाले मार्ग पर जगह-जगह बजड़ियां बिखरी पड़ी हैं। यही नहीं, मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे भी हैं। सड़क काटकर नालियां निकाली गई हैं, जिसके चलते अक्सर ही हादसे होते रहते हैं। गांव निवासी जन्नन खां, आसिक अली व इरफान ने बताया कि इस मार्ग से प्रतिदिन पांच सौ से अधिक लोग गुजरते हैं, दर्जनों लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं।