गंध कुटी में प्रार्थना करते अनुयायी।- संवाद
कटरा। म्यांमार के अनुयायियों का 40 सदस्यीय दल बृहस्पतिवार को बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती पहुंचा। अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में रीति-रिवाज से बोधि वृक्ष की पूजा-अर्चना की। इस दौरान बौद्ध सभा का भी आयोजन किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए भिक्षु देवानंद ने कहा कि बौद्ध धर्म को विभिन्न रूपों में समझा जाता है। भगवान बुद्ध की सबसे प्रसिद्ध शिक्षाएं चार आर्य सत्य अष्टांगिक मार्ग, मानव दुख की प्रकृति और जीवन के अस्तित्वगत कष्टों से मुक्ति और निर्वाण प्राप्त करने के मार्ग का वर्णन करती हैं। ये शिक्षाएं भारत से पूरे एशिया और विश्व में फैल गईं।
अनुयायियों ने बौद्ध सभा के बाद तपोस्थली के विभिन्न स्थलों का भ्रमण कर उनसे संबंधित इतिहास की जानकारी ली।