श्रावस्ती। लॉकडाउन को लेकर अभी लोग लुकाछिपी का खेल खेल रहे हैं। सुबह छह से नौ बजे तक भिनगा नगर की सभी दुकानें खुल जाती हैं, जिसके चलते पूरे बाजार में भीड़ एकत्र होती है। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रखा जाता है। यह तब हो रहा है, जब जिले में विदेशियों के साथ साथ तब्लीगी जमात के लोगों की उपस्थिति पाई गई है।
कोरोना वायरस का संक्रमण भले ही अभी जिले में दस्तक न दे पाया हो। लेकिन उसके खतरे से इंकार नहीं किया जा सकता। वह भी तब जब गैर महानगरों से लगभग 10 हजार लोग जिले में आ चुके हैं। इनमें से केवल आधे लोगों की ही जांच जिले की चेकपोस्टों पर हो पाई। इन्हीं में तब्लीगी जमात से भी लोग यहां आए हैं, जिनमें जमुनहा के मदरसा मंतुरी में दस लोगों पर मुकदमा लिख कर होम क्वारंटीन किया गया।
छह अन्य मौलाना को एक स्कूल में क्वारंटीन किया गया। यह वह लोग हैं, जिनकी सूचना स्थानीय लोगों ने दी, लेकिन ऐसे तमाम लोग हैं जो अभी भी जमात में हिस्सा लेकर आए हैं और कहीं न कहीं छिपे हुए हैं। वह अपने साथ क्या लाएं हैं। और लोगों को क्या बांट रहे हैं। इसकी भी कोई पुख्ता जानकारी नहीं हो पा रही है। इस सबके बावजूद भिनगा नगर में आम लोग अपने आपको जोखिम में डाल कर लाकडाउन की अनदेखी कर रहे हैं। भिनगा का बाजार सुबह छह बजे से सुबह नौ बजे तक अपने पूरे चरम पर रहता है। सभी दुकानें खुली रहती हैं। सैकड़ों में लोग सामान खरीदने के नाम पर घर से निकलते हैं।
इस दौरान न तो कहीं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो रहा है और न हीं मास्क व अन्य सुरक्षा का इंतजाम ही रहता है। बस लोग किसी भी तरह सामान खरीद कर अपने घरों तक पहुंचना चाहते हैं। वहीं दूसरी ओर बाजारों में भीड़ न हो और लोग अपने आवश्यक सामग्री को खरीद भी लें। इसलिए सुबह दस से दो रोस्टर प्रणाली में दुकानें खोल कर सामान बेचने की सूची पहले जारी की जा चुकी है।
इस सूची के अनुसार एक साथ केवल सड़क के एक तरफ की दुकानें खोली जा सकती हैं। दूसरी तरफ की दुकानें बंद रहती हैं। दूसरे दिन फिर से दूसरे तरफ की दुकानें खुलेंगी, पहली वाली दुकानें बंद रहेंगी। लेकिन सुबह छह से नौ बजे तक इन नियमों का उल्लंघन साफ देखा जा सकता है। आम लोगों को यह अनदेखी भारी न पड़े, इसके लिए बार-बार प्रशासन उनसे घर में ही रहने को अपील भी कर रहा है। इसके बाद भी आम लोग मानने को तैयार नहीं हैं।