मल्हीपुर (श्रावस्ती)। लॉकडाउन व कोरोना महामारी ने गरीबों के सामने अन्न का संकट उत्पन्न कर दिया है। लोग इमदाद की बाट जोह रहे हैं। वहीं इसके विपरीत कानीबोझी के कोटेदार ने गरीबों को वितरण के लिए आया 31.5 क्विंटल गेहूं व 21.24 क्विंटल चावल बेच दिया। सत्यापन में खुलासा होने पर क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक की ओर से कोटेदार के विरुद्ध मल्हीपुर थाने में केस दर्ज कराया गया है।
जमुनहा क्षेत्र के कानीबोझी गांव के अंत्योदय कार्डधारकों के लिए शासन द्वारा तीन क्विंटल चालीस किलोग्राम गेहूं व दो क्विंटल 55 किलोग्राम चावल तथा पात्र गृहस्थी के लिए 32.91 क्विंटल गेहूं तथा 21.94 क्विंटल चावल उपलब्ध कराया गया था। जिसे गांव के कोटेदार आशिक अली पुत्र मेढ़ू ने हाट शाखा केंद्र नासिरगंज से उठाया था। एक अप्रैल को कोटेदार ने नोडल अधिकारी व प्रधान शिक्षक प्राथमिक विद्यालय कानीबोझी की मौजूदगी में 15 कार्डधारकों को 35 किलोग्राम प्रति कार्डधारक को खाद्यान्न वितरण किया गया था। इस बीच उसके द्वारा काफी मात्रा में गेहूं व चावल की कालाबाजारी कर दी गई।
ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम की ओर से क्षेत्रीय पुलिस निरीक्षक जमुनहा राजेश कुमार सिंह से कोटेदार के यहां रखे खाद्यान्न का सत्यापन कराया गया। इस दौरान पूर्ति निरीक्षक को तीन बोरी गेहूं व दो बोरी चावल खुला मिला। सत्यापन में 31.5 क्विंटल गेहूं व 21.24 क्विंटल चावल सहित कुल 52.74 क्विंटल खाद्यान्न कम मिला। इसकी सूचना पूर्ति निरीक्षक ने उच्च अधिकारियोें को दी। डीएम के अनुमोदन के बाद पूर्ति निरीक्षक ने कोटेदार आशिक अली के विरुद्ध मल्हीपुर थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया है।