श्रावस्ती। समस्याओं से पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को त्वरित न्याय देने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है। ऐसे में संबंधित अधिकारियों का दायित्व बनता है कि वह महिलाओं व बालिकाओं की छोटी बड़ी शिकायतों को गंभीरता से लें। इसके साथ ही शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर महिलाओं को न्याय दिलाएं, जिससे उनको भटकना न पड़े।
यह बातें कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को राज्य महिला आयोग की सदस्य कुमुद श्रीवास्तव ने कहीं। उन्होंने कहा कि बालिकाओं व महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से न लेने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को बक्सा नहीं जाएगा। शिकायत मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जन सुनवाई के दौरान भिनगा के ग्राम रंजीतपुर निवासिनी वंदना देवी ने बताया कि उसका विवाह भिनगा निवासी पवन मिश्रा के साथ हुआ था। उसका पति शराब पीने के बाद उसे मारता पीटता है, कुछ समय पहले उसे घर से निकाल दिया है।
वहीं इकौना के ग्राम भमरी भगवानपुर निवासी सीमा देवी ने बताया कि उसका विवाह दो वर्ष पूर्व वीरपुर थाना पयागपुर जिला बहराइच निवासी विनोद कुमार के साथ हुआ था। उसके ससुरालीजनों ने दहेज के लिए उसे प्रताड़ित किया। दोनों प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने महिला थानाध्यक्ष को संबंधित के खिलाफ केस दर्ज कराने का निर्देश दिया।
इसी प्रकार हरिहरपुररानी के पटना खरगौरा की पूजा, बहराइच की शायदा, हरिहरपुररानी की नीतू, जमुनहा के लक्ष्मनपुर कोठी निवासी हसीमा, सोनवा के दामूपुरवा निवासिनी फुलंगा सहित अन्य फरियादियों ने अपनी व्यथा सुनाई। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायत का निपटारा कराने का निर्देश दिया।
इस मौके पर तहसीलदार भिनगा राजकुमार पांडेय, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीके सिंह, बीएसए ओमकार राणा, जिला पिछ़ड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी मोहन त्रिपाठी, जिला समाज कल्याण अधिकारी राकेश रमन, जिला पंचायतराज अधिकारी आशीष श्रीवास्तव, महिला थानाध्यक्ष सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।