सुजानडीह बीट में पौधों को रोपित करने के लिए ले जाते कर्मी।
गिरंट बाजार। हरदत्तनगर गिरंट वन क्षेत्र के सुजानडीह बीट स्थित पौधशाला में बिना शिफ्टिंग कराए ही पौधों का उठान शुरू हो गया है। ग्रामीणों ने शिफ्टिंग कार्य के लिए मिले लगभग 1.75 लाख रुपये के भुगतान पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शिफ्टिंग न होने से रोपण के बाद पौधे सूख सकते हैं।
पौधों को सुरक्षित रखने के लिए शिफ्टिंग की जाती है, जिससे उनकी जड़ें आपस में नहीं जुड़तीं और न मिट्टी पकड़ती हैं। इसके चलते पौधरोपण तक पौध सुरक्षित रहती है और रोपण के बाद तत्काल जड़ पकड़ लेती है। शासन हर साल इसके लिए बजट देता है। विभागीय सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार, इस बार भी 1.75 लाख रुपये का भुगतान हुआ है। हालांकि, अभी तक न तो पौधों की शिफ्टिंग हुई है और न ही निराई-गुड़ाई। जुलाई में होने वाले पौधरोपण के लिए बिना शिफ्टिंग के ही पौधों का उठान शुरू हो गया है। ग्रामीणों ने जिम्मेदारों पर शिफ्टिंग के रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। रेंजर हरिनायण सिंह ने इस संबंध में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। स्थानीय ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।