श्रावस्ती। बेटियों की शिक्षा-दीक्षा की जिम्मेदारी अब सरकार की है। बेटी के जन्म से लेकर उसके स्नातक में दाखिले तक सरकार खर्च उठाएगी। इसके लिए महिला कल्याण विभाग द्वारा आवेदन लिए जा रहे हैं। ज्यादा से ज्यादा आवेदन कराने के लिए डीपीआरओ, सीएमओ, बीएसए व डीआईओएस सहित ग्राम प्रधानों का सहयोग लें। सीएमओ अस्पताल में जन्म लेने वाली बेटियों का आवेदन वहीं भरवाएं।
बीएसए कक्षा एक में प्रवेश लेने वाली बेटियों तथा डीआईओएस कक्षा 9 में दाखिला लेने वाली छात्राओं का आवेदन भरवाएं। इसके साथ ही योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ग्राम प्रधानों का सहयोग लें।
ये बातें सोमवार को जिलाधिकारी ओपी आर्य ने योजना की बैठक के दौरान कलेक्ट्रेट कक्ष में कहीं। कहा कि अब बेटी के जन्म पर घर में लक्ष्मी आने की खुशियां मनाई जाएंगी। जन्म से लेकर उनकी स्नातक तक की पढ़ाई के लिए सरकार उन्हें छह चरणों में 15 हजार रुपए देगी। यह पैसा उन्हें कन्या सुमंगला योजना के तहत मिलेगा।
इसके लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन करना होगा। कन्या भ्रूण, समान लैंगिक अनुपात, बाल विवाह के साथ ही बालिका को स्वावलंबी बनाने और शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने में यह योजना कारगर साबित होगी। जिला प्रोबेशन अधिकारी मोहन त्रिपाठी ने कहा कि महिला कल्याण विभाग योजना का लाभ देने के लिए तैयारियां शुरू कर चुका है।
महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए पहली अप्रैल 2019 से कन्या सुमंगला योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना में बेटी के जन्म से उसकी परवरिश और शिक्षा ग्रहण करने तक का खर्चा सरकार उठाएगी। इसका लाभ एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों के जन्म पर ही मिल सकेगा।