श्रावस्ती। भिनगा स्थित आशा-एएनएम केंद्र के सभागार में सोमवार को सीडीओ शाहिद अहमद की अध्यक्षता में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। सीडीओ ने सभी को हर घर साक्षर का संकल्प भी दिलाया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए सीडीओ ने कहा कि निरक्षरों को साक्षर बनाना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। हम अपने आसपास के निरक्षरों को लिखने-पढ़ने की जानकारी देकर उन्हें साक्षर बना सकते हैं। साक्षरता से ही समाज में समानता, अवसर और प्रगति सुनिश्चित होती है। सरकार डिजिटल शिक्षा, नई तकनीक और कौशल विकास के माध्यम से हर व्यक्ति तक ज्ञान पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
बीएसए अजय कुमार ने कहा कि वर्ष 1965 में ईरान के तेहरान में आयोजित यूनेस्को की जनरल कॉन्फ्रेंस में यह निर्णय लिया गया कि हर वर्ष आठ सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2022-2027 की अवधि के लिए नवभारत साक्षरता कार्यक्रम को मंजूरी दी गई है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार श्रावस्ती की कुल साक्षरता दर 46.74 प्रतिशत है, जिसमें पुरुष साक्षरता दर 57.16 प्रतिशत तथा महिला साक्षरता दर 34.78 है, जो चिंतनीय है। इसलिए आज अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर हम सभी को यह शपथ लेनी है कि अपने आसपास के 10 असाक्षरों को छह माह के अंदर साक्षर बनाना है।
कार्यक्रम में लोगों को हर घर साक्षर का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला समन्वयक अजीत कुमार उपाध्याय ने किया। इस मौके पर डाॅ. वीके गौरव, अनूप श्रीवास्तव, बीईओ सतीष कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।