गिलौला। विद्युत उपकेंद्र के अधिकारियों और कर्मियों की लापरवाही के कारण बीते डेढ़ माह के दौरान तीन किसानों की जान जा चुकी है। रविवार को दंदौली निवासी ओमप्रकाश यादव (50) की मौत के बाद ग्रामीणों में बिजली निगम के कर्मचारियों के खिलाफ भारी आक्रोश दिखा। बीते मई माह में दो दिन में दो किसानों की मौत के बाद डीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने जर्जर ढीले तारों को सही करने व जनहानि पर एक्सईएन की जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि लटकते तारों की सूचना विद्युत उपकेंद्र गिलौला को कई बार दी गई है लेकिन जिम्मेदार इसे दुरुस्त बनाने को लेकर पूरी तरह उदासीन बने हैं। पांच मई को प्रहलाद गांव निवासी बंशराज (35) साइकिल से कहीं जा रहे थे। इस दौरान 11 केवीए के लटकते तार की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले में उपकेंद्र के टीजीटी सौरभ यादव को निलंबित किया गया था। हालांकि उन्हें पंद्रह दिन के भीतर ही बहाल कर भिनगा स्थानांतरित कर दिया गया। दूसरी घटना अगले दिन छह मई को हुई, जब सोनवा गांव निवासी सीताराम (76) की 11 केवीए के लटकते तार की चपेट में आने से मौत हो गई थी। अब बीते रविवार को ओमप्रकाश की मौत के बाद ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है।
बंशराज व सीताराम की मौत के बाद डीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने अभियान चलाकर सार्वजनिक स्थानों, विद्यालयों आदि के पास के जर्जर तारों को बदलने, ढीले तारों को कसने, जॉइंटर वाले तारों को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया था। साथ ही उन दो मौतों के बाद फिर कोई जनहानि होने पर अधिशाषी अभियंता की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी थी। ऐसे में रविवार को ओमप्रकाश की मौत के बाद ग्रामीण डीएम स्तर से सख्त कार्रवाई की उम्मीद लगाए हैं।