श्रावस्ती/गिरंट बाजार। हर साल बारिश के बाद जिले की सड़कों की हालत और खराब हो जाती है। भिनगा-लक्ष्मनपुर कोठी मार्ग से लेकर मिर्जापुर-नवाबगंज सड़क तक जगह-जगह बने गड्ढे राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। कुछ सड़कों को छोड़कर अधिकांश मार्गों की स्थिति बदहाल नजर आ रही है।
भेजे गए प्रस्ताव पर नहीं बनी सड़क
भिनगा से परसा डेहरिया होते हुए लक्ष्मनपुर कोठी तक करीब 33 किलोमीटर लंबी सड़क आठ वर्षों से जर्जर है। बारिश में कई बार इस पर बाढ़ का पानी भी आ जाता है। इसके बावजूद न तो सड़क की मरम्मत हो सकी और न चौड़ीकरण की कार्रवाई पूरी हुई। पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता सलिल त्रिपाठी ने बताया कि विशेष मरम्मत और चौड़ीकरण के लिए हर वर्ष स्टीमेट शासन को भेजा जाता है। बीते वर्ष वित्त समिति के समक्ष भी प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन परिणाम नहीं निकला। उन्होंने बताया कि सड़क की स्थिति ऐसी है कि अब पैच कार्य संभव नहीं है। बजट स्वीकृत होने के बाद ही मरम्मत हो सकेगी। इस वर्ष भी प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।
सिर्फ गड्ढा मुक्त अभियान तक ही सीमित रह गई सड़क
मिर्जापुर से डांडेकुइयां होते हुए नवाबगंज तक करीब 25 किलोमीटर सड़क भी आठ वर्षों से जर्जर है। ग्रामीणों विपिन वर्मा, संदीप वर्मा, संतोष, जावेद खान, जमील और राजू ने बताया कि करीब आठ वर्ष पूर्व गड्ढामुक्त अभियान में बड़े गड्ढे भरे गए थे। इसके बाद सड़क की मरम्मत नहीं हुई। यह मार्ग सलारपुर, महादेवा, मनवरिया दीवान, मनवरिया भोजा, सलारूगांव, महजिदिया और तिवारी गांव समेत कई क्षेत्रों के लोगों के लिए बहराइच, नेपाल और जिला मुख्यालय भिनगा जाने का प्रमुख रास्ता है।
मार्ग।