श्रावस्ती। जिले में विगत दिनों बारिश के कारण राप्ती नदी का जलस्तर कई बार खतरे का निशान पार कर गया। नदी का पानी खेत व गांवों में घुस गया था। इस दौरान कई क्षेत्रों में खेत व फसल कटने के साथ ही मार्ग आदि के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली थी। ऐसे में संबंधित विभागीय अधिकारी बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुईं संपत्तियों का ब्योरा उपलब्ध कराएं ताकि उसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जा सके।
ये बातें सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बाढ़ मेमोरेंडम बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी टीके शिबु ने कही। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई परिसंपत्तियों एवं अन्य संपत्तियों ब्योरा का मांगा गया है। इसलिए संबंधित विभागीय अधिकारियों की यह जिम्मेदारी है कि वे जल्द से जल्द बाढ़ से हुई क्षति का सर्वे कर उसकी रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराएं ताकि समय रहते इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जा सके।
डीएम ने कहा कि संबंधित विभागीय अधिकारी यह भी ध्यान रखें कि सर्वे के दौरान कोई भी व्यक्ति जिसका नुकसान हुआ है, वह कदापि छूटने न पाए। यदि जांच में इसकी पुष्टि हुई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ व कटान से प्रभावित हुए किसानों के खेत का रकबा, फसल, मकान, सड़क व चकमार्ग आदि का मुआयना कर तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
बैठक में अपर जिलाधिकारी योगानंद पांडे, उप जिला मजिस्ट्रेट आरपी चौधरी, उप जिलाधिकारी जेपी चौहान, राजेश कुमार मिश्रा, प्रवेंद्र कुमार, तहसीलदार राजकुमार पांडे, तहसीलदार नारायण सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी किरण, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश मातनहेलिया, जिला कृषि अधिकारी आरपी राना, अधिशासी अभियंता बाढ़ कार्य खंड व आपदा सलाहकार गफ्फार हुमायूं सहित संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।