श्रावस्ती। जिले में अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम, क्लीनिक व झोलाछाप के विरुद्ध मंगलवार को अभियान चलाया गया। डीएम के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत दो नर्सिंग होम संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इस दौरान भिनगा सीएचसी में तैनात फार्मासिस्ट द्वारा एक नर्सिंग होम का संचालन किया जा रहा था। जिसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जबकि एक अन्य पर केस दर्ज कराया गया है।
डीएम ओपी आर्य को जिले में अवैध रूप से नर्सिंग होम, क्लीनिक के संचालन की सूचना मिली थी। जिनके द्वारा इलाज के बाद कई लोगों की जान भी जा चुकी है। डीएम के निर्देश पर अफसरों की टीम ने मंगलवार को औचक छापेमारी की। इस दौरान एसडीएम भिनगा चंद्र मोहन गर्ग व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक भंगहा द्वारा हरिहरपुर रानी विकास क्षेत्र में छापेमारी की गई।
इसमें सेमरी चौराहे पर बीजीएम नर्सिंग होम पर छापेमारी की गई। जिसका संचालन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिनगा में तैनात फार्मासिस्ट राकेश कुमार पांडे कर रहा था। नर्सिंग होम संचालन का कोई भी दस्तावेज वह प्रस्तुत न कर सका।
इस पर सीएमओ डॉ. बीके सिंह ने राकेश कुमार पांडे पर शासकीय सेवा में होने के बाद भी अवैध रूप से प्राइवेट मेडिकल प्रेक्टिस किए जाने, कार्यालय अवधि में अवैध रूप से मेडिकल प्रैक्टिस करने व विभाग की छवि धूमिल करने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
वहीं इकौना थाना क्षेत्र के ग्राम गनेशपुर के मजरा चिकनीपुर निवासी बच्छराज निषाद ने डीएम को एक प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें उसने कहा था कि 13 जून को उसके पुत्र शोभित निषाद (12) के पेट में दर्द हो रहा था। जिसे उसने गांव के ही एक डॉक्टर किशोरी लाल को दिखाया था। किशोरी लाल ने उनके बेटे को इंजेक्शन लगाया गया था।
करीब दो घंटे बाद उसके पुत्र के हाथ में इन्फेक्शन शुरू हो गया। 14 जून को बच्चें की हालत खराब होने पर वह उसे बहराइच ले गया। जहां चिकित्सकों ने गलत इंजेक्शन के कारण हाथ बेकार होने की बात बताई गई। इस शिकायत को संज्ञान लेते हुए डीएम के निर्देश पर झोलाछाप डॉक्टर किशोरी लाल के खिलाफ इकौना सीएचसी अधीक्षक ने एफआईआर दर्ज कराया है।