श्रावस्ती। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क का हाल बेहाल है। निर्माण के बाद उनकी मरम्मत न होने से ग्रामीण गणेश परिक्रमा करने को विवश हैं। सबसे खराब स्थिति सिरसिया क्षेत्र की है। जहां क्षतिग्रस्त मार्ग के कारण लोग दस किलोमीटर दूरी तय करने के लिए बीस से पच्चीस किलोमीटर का चक्कर लगाने को विवश हैं।
सीमावर्ती सिरसिया क्षेत्र में बनी मुख्य राप्ती योजक नहर की दोनों पटरियों पर न तो सड़क का निर्माण कराया गया है और न ही उस पर इंटरलॉकिंग व खड़ंजा ही लगाया गया है। देखा जाए तो टिटिहिरिया गांव के निकट ताल बघौड़ा मार्ग से गुलरा भिनगा सिरसिया मार्ग की दूरी दस किलोमीटर से भी कम है।
जिसे जोड़ने के लिए दो दशक पूर्व टिटिहिरिया से सोनपुर, बैरिहवा, बदलपुर, जुड़पनिया व चैलाही होते हुए चैलाही मोड़ तक सड़क का निर्माण कराया गया था। इनमें से मुख्य मार्ग से सोनपुर व बैरिहवा से चैलाही मोड़ तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनी सड़क की कई बार मरम्मत कराई गई।
जबकि सोनपुर से बैरिहवा तक करीब पांच किलोमीटर सड़क का कोई पुरसाहाल नहीं है। मार्ग पर स्थित दो पुलों के अप्रोच क्षतिग्रस्त होने से ट्रैक्टर-ट्राॅली को छोड़ अन्य वाहनों का निकलना दूभर है। वहीं कई स्थानों पर मार्ग क्षतिग्रस्त व धंसने तथा पूरे मार्ग पर बने गड्ढों के कारण उस पर साइकिल सवारों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में लोगों को दस किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए भिनगा जंगल के अंटा तिराहा व मसहा कला चिल्हरिया मोड़ होते हुए करीब बीस से पच्चीस किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। यही स्थिति सेमरी चौराहे से सेमरी तरहर, खैरी मोड़ से मोहम्मदपुर, तुलसीपुर मार्ग से विभूति नाथ मंदिर, बेचई पुरवा से शिवगढ़ कला व सिरसिया से गुलरा बाया बरगदवा सहित अन्य संपर्क मार्गों का है। जिनकी मरम्मत न होने से ग्रामीण गणेश परिक्रमा को विवश हैं। ऐसे में क्षेत्र वासियों ने डीएम व सीडीओ से मार्ग मरम्मत की मांग की है।