श्रावस्ती। ब्लॉक प्रमुख पद के आरक्षण में रसूख ने काम किया या फिर शासन का फार्मूला इसको लेकर आम लोगों में उहापोह की स्थिति है। इसका कारण वर्ष 2010, 2015 व 2021 में लगातार इस विकास खंड में प्रमुख का पद अनारक्षित होना है। इससे पहले भी वर्ष 1995 में भी यह पद अनारक्षित रहा। जबकि दूसरी ओर यदि सिरसिया विकास खंड पर निगाह डाली जाए तो यहां प्रति चुनाव में रोस्टर के हिसाब से आरक्षण बदलता रहा।
वहीं यदि इन विकास खंडों के जातिगत आंकड़ों पर गौर किया जाए तो वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार इकौना विकास खंड की कुल जनसंख्या 218759 रही। यहां अनुसूचित जाति की जनसंख्या 37390, पिछड़ी 110069 व सामान्य वर्ग की संख्या 69257 है। वहीं यदि देखा जाए तो इसकी तुलना में सिरसिया विकास खंड में अनुसूचित जाति की जनसंख्या कम है। वहां अनुसूचित जाति की जनसंख्या 35819, पिछड़ी वर्ग 119087 व सामान्य वर्ग 60004 है। ऐसे में इकौना में रोस्टर के मुताबिक इस वर्ष अनुसूचित जाति के लोगों को प्रतिनिधित्व का मौका मिलना चाहिए था।
ब्लॉक प्रमुखों का अब तक आरक्षण
ब्लाक वर्ष आरक्षण की स्थिति
सिरसिया 1995 अनारक्षित
2000 पिछड़ी महिला
2005 अनारक्षित
2010 अनुसूचित जाति महिला
2015 अनारक्षित
2021 पिछड़ी महिला
हरिहरपुररानी 1995 पिछड़ी जाति महिला
2000 अनारक्षित
2005 पिछड़ी जाति महिला
2010 अनारक्षित
2015 अनारक्षित
2021 अनुसूचित जाति महिला
जमुनहा 1995 महिला
2000 अनारक्षित
2005 अनारक्षित
2010 पिछड़ी महिला
2015 अनुसूचित महिला
2021 अनारक्षित
गिलौला 1995 अनुसूचित जाति महिला
2000 महिला
2005 अनारक्षित
2010 अनारक्षित
2015 पिछड़ी जाति महिला
2021 अनारक्षित
इकौना 1995 अनारक्षित
2000 पिछड़ी जाति
2005 अनुसूचित जाति महिला
2010 अनारक्षित
2015 अनारक्षित
2021 अनारक्षित
आरक्षण भी अनुसूचित जाति पुरुषों को नहीं दिला पाया प्रमुख बनने का मौका
जिले में कुल पांच विकास खंड हैं। यहां अब 397 ग्राम पंचायतें हैं। पंचायत चुनावों में सभी वर्ग का प्रतिनिधित्व हो सके। इसके लिए वर्ष 1995 से आरक्षण प्रणाली प्रारंभ की गई थी। प्रथम आरक्षण में जिले के पांच ब्लॉक प्रमुख पदों में से दो पद सामान्य वर्ग के लिए, एक पद अनुसूचित जाति महिला, एक पद पिछड़ी जाति महिला व एक महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया था। यह क्रम 2020 में भी बना रहा। लेकिन 2005 में इस क्रम में परिवर्तन हुआ। पांच में से तीन पंचायत को अनारक्षित व एक एक को पिछड़ी व अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया। यह क्रम 2021 तक बना रहा। इस दौरान आरक्षण में केवल अनुसूचित जाति पुरुषों के लिए कभी भी आरक्षण लागू नहीं किया गया।
-ब्लॉक प्रमुख पद पर आरक्षण शासन से ही जारी किया गया है। जिले स्तर पर इसमें कुछ भी नहीं हुआ है। -योगानंद पांडे, एडीएम