श्रावस्ती। ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों की सेहत बेहतर बनाए रखने की जिम्मेदारी अब स्वच्छता निगरानी समितियों को सौंपी गई है। यह समितियां नियमित रूप से ग्रामीणों की पल्स व तापमान जांचने के साथ स्वच्छता पर भी ध्यान देंगी। इसकी समीक्षा प्रतिदिन ओडीएफ वार रूम से डीपीआरओ करेंगी।
ग्राम पंचायतों में अब कोरोना व अन्य संक्रमण से ग्रामीणों को बचाने की जिम्मेदारी स्वच्छता निगरानी समिति को सौंपी गई है। यह समिति सभी 397 ग्राम पंचायतों में पहले से ही गठित थी। इस समिति को पंचायत की ओर से खरीदे गए पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मल स्कैनर दिए गए हैं। निगरानी समिति प्रतिदिन ग्रामीणों की पल्स व तापमान की जांच करेगी।
यही नहीं जो ग्रामीण प्रथम दृष्टया संक्रमित पाए जाएंगे, उसकी सूचना यह तत्काल स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराएंगे। इस जिम्मेदारी के साथ ही समिति को स्वच्छता की भी जिम्मेदारी दी गई है। निगरानी समितियां ओडीएफ व ओडीएफ प्लस गांव के अंदर लगे घूर गड्ढे व अन्य जलभराव वाले क्षेत्रों को ठीक कराएंगी।
इसकी रिपोर्ट प्रतिदिन यह समितियां डीपीआरओ कार्यालय स्थित वार रूम को देंगी। इस बारे में जिला पंचायत राज अधिकारी किरन ने कहा कि डीएम की ओर से समीक्षा बैठक करके गांवों को संचारी रोग से बचाने का निर्देश दिया गया था। इस लिए निगरानी समितियों को इस पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।