श्रावस्ती। कोरोना वायरस को लेकर किया गया हाफ लॉक डाउन पूरी तरह बेअसर रहा। भिनगा बाजार सोमवार दस बजे ही पूर्ण रूप से खुल गई। बाजार खुली देख कर भीड़ भी एकत्र होने लगी। इसके बाद इसकी सूचना मिलते ही पुलिस ने सभी दुकानों को बंद कराया। वहीं इसके साथ-साथ जिले में तीन अन्य बाजारों को भी हाफ लॉक डाउन करने का आदेश दिया गया है। अब जिले में कुल छह बजार हाफ लॉक डाउन होगी।
कोरोना वायरस का संक्रमण ज्यादा न फैलने पाए इसके लिए पहले ही प्रशासन ने भिनगा, इकौना व गिलौला बाजार को हाफ लॉक डाउन कर दिया। इसके तहत एक रोस्टर जारी किया गया था। रोस्टर के मुताबिक जिले में केवल दस बजे से दो बजे तक केवल एक पटरी की ही दुकानें खुलेंगी, दूसरी पटरी की दुकानें बंद रहेंगी। इस रोस्टर के तहत भिनगा में सोमवार को ईदगाह तिराहे से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिनगा तक उत्तर दिशा में स्थित दुकानें खुली रहनी थीं। ऐसे ही दहाना तिराहे से कलेक्ट्रेट गेट तक मुख्य मार्ग के पूरब की दुकानें खुली रहेंगी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से इकौना मार्ग भिनगा चौराहे तक पूर्व दिशा में स्थित दुकानें खुली रहनी थीं। लेकिन इस रोस्टर का पालन नहीं हुआ। सुबह दस बजे भिनगा नगर की सारी दुकानें खुल गईं। वहीं लखनऊ सहित सोलह अन्य नगरों में पूर्ण लॉक डाउन की सूचना के चलते आवश्यक सामानों के खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग विभिन्न आशंकाओं के चलते सामान खरीदने जुटने लगे। बाजार में अचानक लोगों की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया।
भिनगा कोतवाली प्रभारी दद्दन सिंह भारी पुलिस बल के साथ पहुंच कर बिना रोटेशन खुली दुकानों को बंद करा दिया। कोतवाली प्रभारी ने अनाउंस कर लोगों को बाजार में आवश्यक वस्तुओं की कमी न होने के संबंध मं जागरूक किया। उन्होंने कहा कि लोग अफरा-तफरी की स्थिति पैदा न करें। कहा कि एक तरफ की सभी दुकानें खुली हैं। आप लोग आराम से वहां सामान खरीद सकते हैं। अगले दिन दूसरी ओर की दुकानें खुलेंगी। इसलिए अफवाहों पर ध्यान न दें।
मुख्यमंत्री की अपील से सतर्क हैं लोग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार रात आठ बजे ट्वीट किया था कि नेपाल सीमा से जुड़े छह जनपद जिसमें श्रावस्ती बहराइच, पीलीभीत, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर व महराजगंज शामिल हैं। वहां जो लोग नेपाल व बाहर से आए हैं, वह अपने घर पर ही रहें। संदेह होने पर तत्काल सूचना दें। प्रशासन भी तत्काल संज्ञान लेगा। इस ट्वीट के बाद लोग सतर्क हैं।
मुंबई से रात भर आते रहे लोग
मुंबई में कोरोना संक्रमण की स्थिति भयावह है। वहां पर जिले के हजारों लोग मजदूरी करते हैं। तमाम लोग फुटपाथ या फिर सामूहिक रूप से एक ही कमरे में रहते थे। जिसके चलते उन्हें वहां से हटा दिया गया। इस के बाद मुंबई में रह रहे यहां के स्थानीय लोग बहराइच बलरामपुर पहुंच चुके हैं। इन स्टेशनों से लोग सब्जी वाहन, दूध वाहन व अन्य माल वाहक वाहनों पर बैठ कर भिनगा व इकौना पहुंच रहे हैं। इस तरह रविवार रात से ही लोगों का तांता लगा हुआ है। लोग सोमवार सुबह तक जत्थों में ग्रामीण क्षेत्र में स्थित अपने घरों में जाते देखे गए। यही नहीं सड़क पर पुलिस की मौजूदगी को देख कर लोग मुख्य मार्ग छोड़ कर खेत या फिर जंगल के रास्ते पैदल ही अपने घरों को रवाना हुए।
इन बाजारों का हुआ हाफ लॉक डाउन
इकौना के बौद्ध तपोस्थली कटरा में भी हाफ लॉक डाउन किया गया है। यहां 23 मार्च को लोटस सूत्रा से प्लेटिनम होटल तक, कटरा बाईपास रोड के दक्षिण तरफ, लोटस से चौधरी राम बिहारी बुद्ध इंटर कॉलेज तक कटरा बाजार दक्षिण तरफ, महामंगकोल मंदिर के अंतिम गेट मथुरा रोड से राजकीय हवाई पट्टी के पूरब तरफ दुकानें दस बजे से दो बजे तक खुलेंगी। इसके अगले दिन इन्हीं रोडों के दूसरी तरफ की दुकानें खुलेंगी। यह क्रम 28 मार्च तक जारी रहेगा। इसी प्रकार वीरपुर लालबोझी मार्ग पर स्थित दुकानें 23 मार्च को अपना फ्यूल सेंटर एचपी से आर्यावर्त बैंक बीरपुर तक दक्षिण तरफ, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान वीरपुर से राजकुमार सोनी के मकान तक पश्चिमी तरफ की दुकानें भी दस बजे से दो बजे तक खुली रहेंगी। जबकि अगले दिन यहां भी दूसरी तरफ की दुकानें खुलेंगी। यह क्रम 28 मार्च तक जारी रहेगा।
आवश्यक सेवाओं को छोड़ कर पूरा जमुनहा बंद
जमुनहा बाजार में एसडीएम आरपी चौधरी ने दवा, दूध, सब्जी व राशन की दुकानों को छोड़ कर सभी दुकानों को बंद करने का निर्देश दिया है। इसके लिए सोमवार सुबह पुुलिस व प्रशासन ने संयुक्त रूप से अभियान भी चलाया।
जांच के लिए पहुंची टीम, संदिग्ध फरार
सिरसिया के ग्राम गब्बापुर निवासी राजू (15) पुत्र बुद्धू शनिवार को मजदूरी करके पूना से वापस घर पहुंचा था। जिसे सर्दी जुकाम की शिकायत थी। संदिग्ध मानते हुए इसकी सूचना गांव निवासी उदय त्रिपाठी ने स्वास्थ्य विभाग को दी थी। लेकिन जब तक स्वास्थ्य टीम गांव पहुंचती राजू घर छोड़ कर फरार हो गया। वहीं शनिवार रात इकौना के अमारे भरिया निवासी सोनू पुत्र करिंगन, बाबू पुत्र शहजादे, मौसम अली पुत्र शहजाद व अमन पुत्र रामदुलारे मुंबई से तथा रोहित पुत्र समय प्रसाद व राजेंद्र पुत्र मायाराम राजकोट गुजरात से आए थे। इनमें से कुछ को सर्दी-जुकाम होने की सूचना पर ग्राम प्रधान हरिओम ने कंट्रोल रूम को सूचित किया। सूचना पर सीओ इकौना तारकेश्वर पांडेय व सीएचसी अधीक्षक डॉ. अजय कुमार मिश्रा ने मौके पर पहुंच कर सभी की जांच कर खून के नमूने लिये। इस दौरान अधिकारियों द्वारा सभी को गांव के पंचायत घर में रहने की व्यवस्था कराई। लेकिन कुछ देर बाद सभी संदिग्ध वहां से भाग कर अपने घर चले गए। वहीं मल्हीपुर में दिल्ली से आए जगराम निवासी श्रीनगर, पेशकर, प्रदीप व परसोहनी निवासी राजेश राप्ती बैराज की ओर जा रहे थे। सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जांच कर उन्हें जाने दिया गया।
एएसपी ने किया सीमा क्षेत्र का दौरा
एएसपी बीसी दुबे ने सोमवार भारत-नेपाल सीमा पर स्थित मदारगढ़, सुइया, तालबघौड़ा, तुरसमा, रोशनगढ़, भरथा रोशनगढ़, हकीमपुरवा व ककरदरी में एसएसबी व चिकित्सकों की टीम के साथ दौरा किया। यहां ग्रामीणों से बाहर से आने वाले लोगों से जानकारी ली। इसके साथ ही प्रधान को निर्देशित किया कि जो भी व्यक्ति नेपाल या फिर मुंबई व दिल्ली सहित अन्य महानगरों से आ रहे हैं, उनकी सूची तत्काल स्थानीय पुलिस व स्वास्थ्य टीम को उपलब्ध कराई जाए। इस दौरान नेपाली पुलिस अधिकारियों से भी बात कर के नेपाल की ओर से आने वाले लोगों पर प्रतिबंध लगाने को कहा।