श्रावस्ती में सोमवार को जेतवन परिसर का भ्रमण करते थाईलैंड के बौद्ध अनुयायी। - संवाद
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती सोमवार को थाईलैंड से आए अनुयायियों के 60 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी ने बौद्ध भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में पारंपरिक ढंग से बोधि वृक्ष की पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही जेतवन परिसर का भ्रमण कर जानकारी ली। इस दौरान बौद्ध सभा का भी आयोजन किया गया।
बौद्ध सभा को संबोधित करते हुए भिक्षु देवानंद ने कहा कि भगवान बुद्ध अनाथपिंडिक के साथ श्रावस्ती स्थित जेतवन में ठहरे थे। इस दौरान उन्होंने भिक्षुओं को बताया कि महापुरुषों में 32 विशेष लक्षण होते हैं।
सभा के बाद अनुयायियों ने शिवली स्तूप, कौशाम कुटी, राहुल कुटी, संघमित्रा कुटी, सभा मंडप, सूर्यकुंड, कच्ची कुटी-पक्की कुटी आदि स्थलों का भ्रमण कर उनके इतिहास की जानकारी ली।