श्रावस्ती। मांगों को लेकर लेखपालों का कार्य बहिष्कार गुरुवार को भी जारी रहा। लेखपालों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन कर मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। इस दौरान लेखपालों ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया।
कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष गोविंद मिश्र ने कहा कि लेखपाल संघ मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। सरकार हमारे आंदोलन को दबाना चाहती है। सरकार के इशारे पर ही प्रशासन की ओर से लेखपालों के खिलाफ नो वर्क नो पे के आधार पर नोटिस जारी करने की बात कही जा रही है। फिलहाल न तो किसी लेखपाल को नोटिस अभी प्राप्त हुआ है और न ही कोई साथी नोटिस लेगा।
जिलामंत्री अनंतराम ने कहा कि सरकार जो चाहे कार्रवाई करे, हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। जब तक सरकार हमारी मांग नहीं मान लेती हमारा धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। हम एसीपी व वेतन विसंगति दूर होने, पुरानी पेंशन से वंचित लेखपालों को पेंशन मिलने, विशेष भत्ता एवं स्टेशनरी भत्ता, दो पहिया वाहन भत्ता सहित राजस्व लेखपाल का पदनाम परिवर्तित कर राजस्व उप निरीक्षक करने तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश की भांति प्रशासनिक व्यय एवं इंसेंटिव भुगतान न मिलने तक कार्य बहिष्कार करते रहेंगे।
संतोष कुमार यादव ने कहा कि साथी लेखपालों को किसी प्रकार से डरने की आवश्यकता नहीं है। हमारी सभी मांग जायज है, इसे हम लेकर ही रहेंगे। सरकार जब तक शासनादेश जारी नहीं करती हम पीछे हटने वाले नहीं है। इस दौरान सौम्या तिवारी, दीपाली अग्रवाल, शिल्पी शुक्ला, राजमनि शुक्ला, रामकरन गुप्ता, प्रदीप चौधरी, अर्जुन पटेल, विक्रम सिंह, ध्रुव कुमार, धर्मेश दत्त गुप्ता, कृष्ण चंद्र मिश्रा, जगतराम शुक्ला, दिनेश वर्मा, अटल बिहारी मिश्र, दिलीप कुमार यादव सहित जिले के लगभग सभी लेखपाल मौजूद रहे।