श्रावस्ती। सावन शुक्ल में मनाई जाने वाली शुक्ला सप्तमी बुधवार को हर्षोल्लास के साथ परंपरागत तरीके से मनाई गई। इस दौरान घरों की बुजुर्ग महिलाओं ने गोबर से घरों को गोंठाई (सीमांकन) कर जीव जंतुओं सहित देवताओं की पूजा कर सुख व समृद्धि का आशीष मांगा।
माना जाता है कि बरसात के कारण घरों के आसपास खर-पतवार पैदा हो जाते हैं। दीवारों में भी दरार आ जाने से घरों में तमाम जीव जंतु डेरा जमा लेते हैं। ऐसे में गोबर से घरों की गोंठाई (सीमांकन) के बहाने न सिर्फ घरों के अंदर गाहर की दीवारों की जांच हो जाती है। बल्कि अंदर व बाहर से घरों में सर्प सहित अन्य विषैले जीव जंतुओं के आने जाने के रास्ते भी बंद हो जाते हैं। श्रद्धालु बरसात से घरों को नुकसान न होने की खुशी में देवताओं का पूजन कर उन्हें धन्यवाद देते हैं। इस दौरान घरों में अच्छे पकवान बना कर उनका भोग लगाने के साथ ही उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया गया। संवाद