श्रावस्ती। कोरोना संकट के इस दौर में शहरों से बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अपने घर लौट रहे हैं। ऐसे लोगों को उनके घर पर ही काम देने के लिए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान का संचालन किया है। साथ ही यह निर्देश भी दिया है कि जिले में आयें सभी प्रवासी को घर के आसपास रोजगार मुहैया कराया जाए। जिससे प्रवासियों को अपने परिवार के जीवकोपार्जन में दिक्कत न हो। ऐसे में सभी संबंधित अधिकारियों का दायित्व बनता है कि वह जिले में हो रहे निर्माणाधीन विकास कार्यों में उन्हें उन्हें रोजगार मुहैया कराये।
यह बातें शुक्रवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान की समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों से आयुक्त देवीपाटन मंडल गोंडा एसवीएस रंगाराव ने कही। उन्होंने कहाकि इस अभियान के तहत लॉकडाउन में अपने घर लौटे लोगों के रोजगार और पुनर्वास के लिए पूरी योजना तैयार की गयी है। गरीब कल्याण रोजगार अभियान के नाम से शुरू होने वाली इस योजना से ग्रामीण इलाकों के गरीबों को लाभ होगा।
इस योजना में रिवर्स माइग्रेशन के तहत अपने गांव लौटने वाले कामगारों के लिए खास प्रावधान हैं। जिससे उनके सामने रोजी रोटी का संकट पैदा न हो। यहां लौटे प्रवासी कामगारों की स्किल मैपिंग कर उसके डेटा का भी विश्लेषण किया जाएगा। उसी आधार पर उनके लिए काम का बंटवारा होगा। संबंधित विभागीय अधिकारी इस अभियान में तेजी लाकर जल्द से जल्द इसे पूरा कराए। जिससे घर लौटे प्रवासी मजदूरों को रोजगार मुहैया कराया जा सकें। बैठक में सभी अधिकारी मौजूद रहे।