श्रावस्ती। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बुधवार को सिरसिया के जूनियर हाईस्कूल सोनौढ़ा तराई में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इसका मुख्य विषय कोविड 19 महामारी से बचाव व उपचार के लिए जागरूकता, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार एवं संरक्षण, प्ली बार्गेनिंग, श्रमिकों के अधिकार तथा कर्तव्य सहित शासन की ओर से संचालित योजनाओं की जानकारी देना था। इसकी शुरुआत प्राधिकरण के सचिव व सिविल जज ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर की।
इस दौरान प्राधिकरण के सचिव प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी है। इसे रोकने के लिए अब तक कोई टीका नहीं बना है। इसके संक्रमण के कारण बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना व गले में खराश जैसी समस्याएं उत्पन्न होती है। संक्रमण होने पर जब तक आप ठीक न हो जाये, तब तक आप दूसरों से अलग रहे। इसके संक्त्रस्मण से बचने के लिए हाथों को साबुन से धोते रहें, अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
खांसते या छींकते समय नाक और मुंह पर रुमाल या टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें। मास्क को ऐसे पहनना चाहिए कि नाक, मुंह व दाढ़ी का हिस्सा उससे ढका रहे। लोग सोशल डिस्टेसिंग का पालन करें। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार कानूनन सुरक्षित हैै। किसी भी वरिष्ठ नागरिक को कोई परेशानी हो तो वह कानून की मदद ले सकता है। उन्होंने प्ली बार्गोनिंग एवं श्रमिकों के अधिकार तथा कर्तव्य के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रफुल्ल उपाध्याय ने कहा कि कोरोना वायरस खांसी और छींक से गिरने वाली बूंदों के जरिये फैलता है। इसके संक्त्रस्मण से बचने के लिए सार्वजनिक स्थान पर एकत्रित न हो। अपर सिविल जज अवर खंड शुभम द्विवेदी ने बताया कि जब कोई संक्रमित व्यक्ति खांसता या छींकता है तो वायरस हवा में फैलता है।
सोशल डिस्टेंसिंग अपनाकर इस संक्त्रस्मण के खतरे को कम किया जा सकता है। शिविर में विष्णुदत्त अस्थाना, उप निरीक्षक अशोक कुमार दूबे, अरविंद कनौजिया, वीरेंद्र कुमार, तारिक अहमद, गुलिस्ता आरा, स्वामीनाथ, लल्लू प्रसाद, रवि प्रकाश, सर्वेश कुमार, अनुराग गुप्ता, ज्ञानेन्द्र आदि मौजूद रहे।