गिरंट बाजार। ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई की व्यवस्था पुख्ता करने के लिए शासन की ओर से कूड़ा पृथक्करण केंद्रों का निर्माण कराया गया है। फिर भी ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था लचर है। कारण है कि कूड़ा पृथककरण केंद्र सफेद हाथी बने हुए हैं। ऐसे में न तो कूड़ा पृथक्करण केंद्रों पर कूड़े की छंटाई की जाती है और न ही गांवों में कूड़ा एकत्रित करने की व्यवस्था ही लागू की गई है।
निष्प्रयोज्य है कूड़ा पृथक्करण केंद्र
ग्राम भगवानपुर में कूड़ा पृथक्करण केंद्र का निर्माण तो कराया गया है, लेकिन अब तक यहां पर एक बार भी कूड़ा नहीं रखा गया। साथ ही यहां पर कूड़ा छंटाई का कार्य भी नहीं किया गया है। ग्रामीण उदयभान, रामचंद्र, इब्राहिम आदि ने बताया कि कभी कोई घर से कूड़ा लेने भी नहीं आया है। ऐसे में लोग अपनी सुविधा अनुसार कूड़ा जहां तहां फेंकते हैं।
जर्जर हो रहा कूड़ा पृथक्करण केंद्र
ग्राम सेहरिया में बने कूड़ा पृथक्करण केंद्र का प्रयोग न होने से केंद्र जर्जर होता जा रहा है। उसकी ईंटें उजड़ रही हैं। साथ ही गेट भी नहीं लगा है। ऐसे में यहां पर छुट्टा मवेशी आकर बैठते हैं। कई बार अराजकतत्व इसमें बैठकर जुआ भी खेलते हैं।
बिना फर्श के ही बना दिया आरआरसी
ग्राम वैद्यनाथपुरवा में आरआरसी केंद्र के फर्श में सिर्फ ईंट बिछाकर ही निर्माण को पूर्ण कर लिया गया है। साथ ही केंद्र की स्थिति बेहद जर्जर हो चुकी है। कूड़े की छंटाई के लिए बनाया गए इस केंद्र का आज तक प्रयोग नहीं हो सका है। वहीं, जिम्मेदार भी आंख मूंदकर बैठे हैं।
सड़क किनारे लगा कूड़े का ढेर
बदला चौराहे पर सड़क किनारे कूड़े का ढेर लगा हुआ है। कारण है कि क्षेत्र में बने आरआरसी का प्रयोग ही नहीं हो रहा है। इससे लोग सड़क किनारे ही कूड़ा निस्तारित कर देते हैं। ऐसे में इस मार्ग से आने जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
आरआरसी केंद्र
आरआरसी केंद्र