श्रावस्ती। पीसीएफ से संचालित धान क्रय केंद्र प्रभारियों ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी पर उगाही का आरोप लगाया है। बुधवार को डीएम सहित अन्य अधिकारियों को भेजे गए पत्र में प्रति क्विंटल 50 रुपये मांगने की शिकायत की गई है। इसके साथ ही जांच में भी दोहरा व्यवहार व मापदंड अपनाने की बात कही गई है। प्रभारियों ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
जिले में धान क्रय करने के लिए पीसीएफ सहित खाद्य विपणन विभाग के केंद्र बनाए गए हैं। इसमें सबसे अधिक केंद्र पीसीएफ के हैं। पीसीएफ के क्रय केंद्र प्रभारियों ने बुधवार को डीएम सहित अन्य अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा है। जिसमें आरोप लगाया है कि जिला खाद्य विपणन अधिकारी द्वारा धान क्रय केंद्र प्रभारियों से 50 रुपये प्रति क्विंटल की मांग कर रहीं हैं। इसका विरोध किए जाने पर उनके द्वारा क्रय केंद्र प्रभारियों को जांच के नाम पर फंसा कर एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दी जा रही है। यहां तक कि कुछ केंद्र प्रभारियों पर एफआईआर दर्ज भी कराई गई है।
इस घटना को लेकर क्रय केंद्र प्रभारी परेशान बताए जा रहे हैं। क्रय केंद्र प्रभारियों का यह भी आरोप है कि इसी जनपद में खाद्य विभाग के सात धान क्रय केंद्र संचालित हैं। लेकिन आज तक इन केंद्रों पर कभी न तो जांच की गई और न ही उनका उत्पीड़न किया गया है। ऐसे में शिकायती पत्र देने वाले 27 क्रय केंद्र प्रभारियों का कहना है कि यदि इस दौरान किसी भी प्रभारी की शारीरिक क्षति होती है। तो इसकी सारी जिम्मेदारी जिला खाद्य विपणन अधिकारी की होगी। ऐसे में क्रय केंद्र प्रभारियों ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी के विरुद्ध जांच कर कार्रवाई की मांग की है। वहीं इस संबंध में जिला खाद्य विपणन अधिकारी प्रज्ञा शर्मा का कहना है कि एसडीएम की रिपोर्ट पर कुछ क्रय केंद्र प्रभारियों पर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया है।
यह है मामला
जिला खाद्य विपणन अधिकारी द्वारा 30 दिसंबर को एक पत्र जारी किया गया था। इसमें दो केंद्र प्रभारी सहित दो किसानों पर मामला दर्ज करने का आदेश दिया गया था। इस पत्र में एसडीएम की जांच का हवाला देते हुए आरोप लगाया गया था कि इन किसानों द्वारा क्रय केंद्र प्रभारी से मिलीभगत करके उपज से अधिक धान की बिक्री केंद्रों पर की गई है। वहीं केंद्रों पर धान बेचने वाले किसान कृष्ण कुमार निवासी पिपरहवा रंजीतपुर व रामसूरत निवासी चैलाही ने एक शपथ पत्र देकर स्वयं का धान बेचने की पुष्टि की थी। यही नहीं इस दौरान केंद्र प्रभारियों ने भी इस पत्र के सापेक्ष उत्तर देते हुए लिखा था कि किसान द्वारा खाद्य विपणन विभाग की वेबसाइट पर अपना पंजीकरण कराया जाता है। इस पंजीकरण के बाद संबंधित क्षेत्र के एसडीएम द्वारा उपज की मात्रा का सत्यापन ऑनलाइन किया जाता है। इसी के बाद क्रय केंद्र की मजबूरी है कि वह उतनी मात्रा के उपज की खरीद करे। ऐसे में इस पूरे प्रकरण में क्रय केंद्र की जिम्मेदारी केवल खरीदने की थी।
किसी भी व्यक्ति के विधिक अधिकार का हनन नहीं किया जाएगा। यदि किसानों को कुछ कहना है तो उनकी भी बात सुनी जाएगी। जो सही होगा वही किया जाएगा। -टीके शिबु डीएम