गंध कुटी में प्रार्थना करते बौद्ध अनुयायी।- संवाद
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती में बुधवार को बरमा व महाराष्ट्र से आए अनुयायियों के 60 सदस्यीय दल ने बोधि वृक्ष की पूजा की। इस दौरान बौद्ध सभा का भी आयोजन किया गया।
बौद्ध सभा को संबोधित करते हुए भिक्षु देवानंद ने कहा कि भगवान बुद्ध श्रावस्ती के जेतवन में विहार करते थे। वहीं, भिक्षुओं को अष्टांगिक मार्ग का उपदेश दिया। इसमें सम्यक दृष्टि, सम्यक संकल्प, सम्यक वचन, सम्यक कर्मान्त, सम्यक आजीव, सम्यक व्यायाम, सम्यक स्मृति और सम्यक समाधि शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि भिक्षु प्रीति से विरक्त होकर उपेक्षा पूर्वक विहार करता है और स्मृतिमान होकर सुख का अनुभव करता है।