बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती में दर्शन-पूजन करते कंबोडिया के अनुयायी। - संवाद
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती रविवार को कंबोडिया से आए अनुयायियों के 40 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी ने बौद्ध भिक्षु भंवरानंद के नेतृत्व में पारंपरिक तरीके से बोधि वृक्ष की पूजा-अर्चना की। इस दौरान बौद्ध सभा का भी आयोजन किया गया।
बौद्ध सभा में मौजूद अनुयायियों को भिक्षु भंवरानंद ने बताया कि क्रोध मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु होता है। ऐसे में मनुष्य को क्रोध पर विजय प्राप्त करनी चाहिए और क्रोध पर विजय प्राप्त करने का सबसे अच्छा साधन ध्यान है। ध्यान से मनुष्य में खुद की अच्छाइयों व बुराइयों को समझने का ज्ञान उत्पन्न होता है। मनुष्य को अपने लक्ष्य को प्राप्त करने से ज्यादा अपनी यात्रा पर ध्यान देना चाहिए।
पूजन-अर्चन के बाद अनुयायियों ने कौशांबी कुटी, सूर्यकुंड, सभा मंडप, गंध कुटी, राहुल कुटी, संघा बुद्ध विहार, कच्ची कुटी-पक्की कुटी आदि का भ्रमण कर उनके इतिहास की जानकारी ली।