तपोस्थली में प्रार्थना करते अनुयायी।- संवाद
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती सोमवार को वियतनाम के अनुयायियों से गुलजार रही। सभी ने बौद्ध भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में गंधकुटी पर पारंपरिक ढंग से पूजा-अर्चना की। इस दौरान बौद्ध सभा का भी आयोजन किया गया।
बौद्ध सभा में भगवान बुद्ध की ज्ञान प्राप्ति की कहानी सुनाते हुए भिक्षु देवानंद ने बताया कि एक बार गौतम बुद्ध रथ पर सवार होकर कपिलवस्तु की गलियों में घूमने निकले थे। उस दौरान उन्होंने एक वृद्ध, एक बीमार और एक शव को ले जाते हुए देखा। पूछने पर सारथी ने बताया कि सभी प्राणियों को वृद्धावस्था, रोग और मृत्यु का सामना करना पड़ता है।
यह सुनने के बाद गौतम बुद्ध चकित हो गए। लौटते समय उन्होंने एक तपस्वी को सुख-दुख से दूर अपने आप में खोया हुआ देखा। यह देखकर उनके मन में तपस्वी बन सभी दुखों पर विजय पाने की लालसा जागी और उन्होंने अपने राज्य की विलासितापूर्ण जिंदगी छोड़ दी।
इसके बाद अनुयायियों ने तपोस्थली का भ्रमण किया।