श्रावस्ती/गिरंट बाजार। रबी के बोआई सीजन में यूरिया की बढ़ी मांग के साथ ही इसकी कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। सोमवार को प्रति बोरी 150 रुपये अतिरिक्त लेकर परची दिलाने वाले दो दलालों को ग्रामीणों ने दबोचकर पुलिस के हवाले किया। इसके बावजूद पुलिसकर्मी ने दोनों को छोड़ दिया। समिति पर तड़के ही पहु़ंचने के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर किसानों में खासी नाराजगी है।
जमुनहा विकासखंड के बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति हरदत्तनगर गिरंट पर 340 बोरी डीएपी खाद पहुंचने की सूचना किसानों को हुई। सोमवार को काफी संख्या में किसान खाद लेने वहां पहुंच गए। किसान सुबह छह बजे से ही कतार में खड़े हो गए, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिली।
किसानों का आरोप है कि समिति से सचिव नदारद रहे और वहां मौजूद प्रमोद सिंह ने 1500 रुपये की परची लाने वालों को खाद वितरित की। ऐसा तब है, जब डीएपी खाद का सरकारी रेट 1350 रुपये है।
समिति पर प्रति बोरी 150 रुपये अधिक लेकर परची देने वाले दो दलालों को किसानों ने दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। आरोप है कि मौके पर मौजूद सिपाही सोनू सिंह ने कुछ देर बाद दोनों को छोड़ दिया। इससे किसान मौके पर मौजूद पुलिस पर भी साठगांठ का आरोप लगाते दिखे।
नहीं हो रही सुनवाई, कहां जाएं किसान
एक बोरी डीएपी खाद के लिए समिति पर सुबह से लाइन लगाकर खड़े काशीपुरवा निवासी किसान तिलकराम, बलिदानपुरवा निवासी राकेश कुमार, ननके यादव, हरदत्त नगर गिरंट निवासी सुरेश, साबित राम, मालिकराम, राम मनोरथ, गयादत्तपुरवा निवासी विजय गुप्ता, डंडेकुईयां निवासी सतगुरू, बलिदानपुरवा निवासी राम विलास, त्रिभुवन यादव, सुंदरलाल यादव आदि ने बताया कि यूरिया के लिए उन सभी को कई दिन भटकना पड़ा था। अब डीएपी का भी वही हाल है। किसानों ने आरोप लगाया कि सुबह से लाइन लगाने के बाद भी 1500 रुपये देने वालों को ही खाद दी गई और हम लोगों को खाली हाथ वापस जाना पड़ेगा।
प्रकरण की जानकारी नहीं है। डीएपी वितरण में अगर अतिरिक्त रुपये लिए जा रहे हैं, तो इसकी जांच करवाकर दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
अश्विनी कुमार पांडेय, डीएम